#तान्त्रिक_का_जीवन_कभी_सुखी_नहीं_रहता_है।
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नमस्कार मित्रों।
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आप में से कुछ ऐसे मित्र भी होंगे जो तन्त्र मन्त्र का चमत्कार देखकर ये सोचते होंगे कि हम भी तान्त्रिक बनें।
।
[ #अपने_कर्म_के_जरिये_हम_भगवान_से_अपनी_किस्मत_लिखवाते_हैं।
।
जिसके कर्मानुसार उसकी किस्मत में तान्त्रिक बनना लिखा है तो उसको तान्त्रिक बनने से कोई नहीं रोक सकता है।
मैं किसी तान्त्रिक को गलत नहीं कहता, सबकी अपनी किस्मत और अपना कर्म है ]
।
।
आँखों देखी कुछ घटनाएँ आपके सामने प्रस्तुत हैं।
।
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पहले एक कहानी जो #कॉलेज_टाइम में अपने सलेब्स में पढ़ी थी और #तान्त्रिक_सिद्धि की #हकीकत_बयान करती है।
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#डॉक्टर_फॉस्टस बाय #क्रिस्टोफर_मार्लो
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किसी को शौक हो तो वो किताब खरीद के पढ़ लेना।
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शॉर्टकट स्टोरी -
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एक बहुत विद्वान जर्मनी व्यक्ति जिसे डॉक्टर फॉस्टस के नाम से जाना जाता था, उसे किसी ने भूत प्रेत की सिद्धि से कुछ चमत्कार दिखाए।
।
डॉक्टर ने पर प्रभावित होकर तन्त्र मन्त्र की खोज शुरूकर दी, उसे कुछ तान्त्रिक साधनाएं प्राप्त हुई।
।
उसने जैसे ही साधना किस तो उसके सामने #शैतान_का_दूत #मैफिस्टऑफिलिस प्रकट हो गया।
।
डॉक्टर ने उसे कहा कि तुम मेरा काम करोगे,
।
मैफिस्टऑफिलिस ने कहा कि मैं #शैतान के कहने पर काम करता हूँ, मुझे काम करवाना चाहते हो तो पहले शैतान से #डील करो।
।
मैफिस्टऑफिलिस ने डॉक्टर को शैतान से मिलवाया और डॉक्टर ने डील कर ली कि 22 साल तक मैफिस्टऑफिलिस डॉक्टर का काम करेगा और उसके बाद #डॉक्टर_की_आत्मा_अनन्तकाल के लिए #शैतान_की_गुलाम हो जाएगी।
।
डॉक्टर को एग्रीमेंट पर अपने खून से हस्ताक्षर करने थे।
।
हस्ताक्षर करने से पहले ही डॉक्टर के बाजू पर ईसा मसीह के रक्त के निशान बनने लगे कि #रुक_जाओ ये गलत है।
।
लेकिन डॉक्टर नहीं माना और उसने हस्ताक्षर कर दिए।
।
मैफिस्टऑफिलिस डॉक्टर का गुलाम बन गया और जैसा डॉक्टर कहता वैसा वो कर देता।
।
उसने मैफिस्टऑफिलिस को बोल के हवा में पुल बना दिये, बड़ी बड़ी इमारतें जादू से खड़ी कर दी।
।
वहाँ के सम्राट के पूर्वजों को जिन्दा कर के उनके छुपाए हुए खजाने निकलवा दिये।
।
बड़े बड़े कलाकारों लेखकों कवियों को जिन्दा कर के उनके गीत सङ्गीत कविता कहानी आदि का आनन्द उठाता था।
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पूरे जर्मनी का #तान्त्रिक_सम्राट बन गया।
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कुछ समय बाद मैफिस्टऑफिलिस काम करने से टलने लगा, डॉक्टर कुछ बोलता तो वो सिर्फ हंसता रहता।
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डॉक्टर की शक्तियाँ जाने लगी, उसके 22 साल पूरे होने लगे, तो डॉक्टर दिन रात अपने अंजाम को सोचने लगा।
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उसके बनाये पुल इमारतें गिरने लगी, उसके बनाये सोने के सिक्के मिट्टी में बदलने लगे।
।
सब कुछ स्वाहा हो गया।
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डॉक्टर के 22 साल पूरे होने का आखरी दिन था।
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डॉक्टर बहुत रो रहा था, अपने आप को कोस रहा था कि काश उस दिन सम्भल जाता, काश वो चेतावनी नजरंदाज ना की होती।
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अपने आप को बहुत कोसता रहा।
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रात के 12 बजने वाले थे और वो डर के मारे दहाड़ें मार मार के रो रहा था।
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आख़िरकार आज शैतान उसकी आत्मा को #अनन्तकाल तक गुलाम बनाने के लिए आने वाला था।
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नरक की आग में उसे ले जाने वाला था।
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नरक में फटते ज्वालामुखी और आसमान से बरसते अंगारे, जहाँ जर तरफ से आग ही आग बरसती हो, वहाँ कोई अनन्तकाल तक कैसे रह सकता है।
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आसमान को तरफ देखकर रो रहा था कि हे ईश्वर मुझे बचा ले।
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आसमान में ईसा मसीह का खून फैला था, डॉक्टर के रहा था कि हे ईश्वर एक बून्द इस खून की मुझ पर बरसा दे, मैं नरक जाने से बच जाऊँगा।
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कुछ बूंदें उसके पास आने लगी लेकिन जैसे ही डॉक्टर ने हाथ बढ़ाया तो वो बूँदें भी उससे दूर चली गई।
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डॉक्टर के दुख का अन्त नहीं था, वो मानसिक वेदना उसको तोड़ रही थी।
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12 बजे और नरक का दरवाजा डॉक्टर के सामने खुल गया।
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मौत से सौदा हो चुका था, लेकिन मौत भी ऐसी जो कभी नहीं आएगी।
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शैतान के दूतों ने डॉक्टर को पकड़ा और सीधा खींच के ले चले।
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डॉक्टर रोता रहा चिल्लाता रहा लेकिन इसे रगड़ घसीट के नरक में ले गए और उसके निकलने का दरवाजा हमेशा के लिए बन्द हो गया।
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सेम यही हाल तान्त्रिक साधना वाले का होता है।
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एक मित्र ने पीर साधना की थी, उसने कहा कि पीर ने वचन देने से पहले उसकी किसी दूसरी शक्ति से बात करवाई थी।
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तान्त्रिक का जीवन दुःखी क्यों रहता है?
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ये सिद्धियाँ गले की हड्डी बन जाती हैं जिसे ना उगल सकते हैं ना निगल सकते हैं।
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शुरू में अच्छा काम करेंगी, बाद में बेइज्जत करवा देंगी।
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याद रखें - किसी भी तान्त्रिक के पास भूत-प्रेत, मसाण, कर्णपिशाचिनी, प्रेतनी, चुड़ैल, आदि से ज्यादा कुछ नहीं होता है।
।
जो किसी बड़ी पदवी पर आसीन तान्त्रिक होता है या कोई तन्त्र गुरु आदि होते हैं तो उनके पास कुछ बड़े लेवल की साधना होती है लेकिन वो अपने चेलों को हमेशा छोटी सिद्धि ही करवाते हैं।
।
ऐसा समझिए कि कमिश्नर आपको चपरासी से कॉन्स्टेबल बना देता है।
।
कमिश्नर तो कॉन्स्टेबल की सब हरकत देख सकता है लेकिन कॉन्स्टेबल कमिश्नर की हर हरकत को नहीं देख सकता है।
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इसी प्रकार छोटा तान्त्रिक कभी भी अपने गुरु की सिद्धि को नहीं समझ पायेगा कि उसके पास बड़ी सिद्धि है और उसे एक छोटी सिद्धि दी गई है।
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कुछ बातें जो आँखों देखी हैं -
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[1] मैंने ऐसा सुना था कि जब बड़ी कैटेगिरी के देवता की आप साधना करते हैं तो छोटा मोटा तान्त्रिक अपनी सिद्धि के जरिये भी आपके बारे में कुछ जानकारी नहीं बता सकता।
।
सबसे पहले तो ये बात है कि तान्त्रिक के पास शक्ति होती है वो उसे जानकारी देती है आपके बारे में।
।
उसके पास भूत प्रेत पिशाच ही होंगे जो बताएंगे।
।
मेरे एक मित्र थे जिनके पास एक सिद्धि है, मुझे उस सिद्धि के बारे में बताया था कि उनके पास किस चीज की सिद्धि है।
।
उन्होंने एक बार मेरे बारे में बताना शुरू किया, मेरे पड़ोसी के साथ हुई घटनाएं भी बता दी।
।
फिर मुझे याद आया कि किसी बड़े देवी देवता का कवच पाठ करें तो सामने वाला आपके बारे में नहीं बता पायेगा।
।
मैंने उनको एक बात बताने के लिए कहा, उन्होंने मन्त्र पढ़ना शुरू किया।
।
मैंने भी तुरन्त ही मन में एक स्तुति शुरू कर दी।
।
वो मित्र हंस के बोले कि अरे भाई क्या कर रहे हो?
।
[ उनकी सिद्धि मेरा माइंड नहीं पढ़ पाई, और ना मेरे बारे में उनको डाटा मिला ]
।
मैंने कहा मैं कुछ नहीं कर रहा आप बताओ तो सही।
।
उन्होंने 4-5 ऑप्शन्स दिए लेकिन एक भी सही नहीं गया, जबकि पहले उनकी एक एक बात बिल्कुल सटीक जाती रही।
।
उसके बाद उन्होंने मना कर दिया कि रहने दो, अब इस टॉपिक को छोड़ दो।
।
आप भी
।
[2] कोई भी मन्दिर हो वहाँ पर जो सवारी आती है वो किसी भी देवी या देवता की नहीं होती है, भला इस मल मूत्र से भरे शरीर मे देवी देवता कैसे आकर बोल सकते हैं?
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सवारी आने पर जो शक्ति बात करती है वो #नाहरसिंह_देवता होता है।
।
[ विष्णु अवतार भगवान नृसिंह और नाहरसिंह दोनों अलग हैं ]
।
एक औरत काफी पूजा पाठ करती थी, उसके शरीर में कम्पन पड़ने लगा और कमजोरी महसूस होने लगी।
।
उसका हसबंड उसको मन्दिर में ले गया जहाँ पुजारी को माता की सवारी आती थी। ( एक्चुअल में वो नाहरसिंह ही होता है)
।
उस औरत के बारे में पुजारी कहने लगा कि इसे जोगणी ( योगिनी ) की छाया पड़ी है।
।
पूजारी ने ट्रीटमैंट में पता नहीं क्या क्या बोल दिया।
।
घर में जब वो आया तो उसके पड़ोस का डॉक्टर भी ड्यूटी से आया और उसने उस लेडी को देखा तो सिम्पटम्स देख के सीधा बोला कि इसको टाइफाइड हो रहा है।
।
दूसरे दिन ना तन्त्र ना मन्त्र, सीधा विडल टैस्ट करवाया और टाइफाइड निकला।
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दवाई खाई और लेडी ठीक।
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अगर पूजारी की बॉडी में देवी होती तप सीधा बोलती इसको हॉस्पिटल ले जाओ।
।
वास्तव में वो लेडी दुर्गा माता का अगला स्तोत्र रोज पढ़ती थी।
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जो भी अर्गला स्तोत्र का 11 बार पाठ कर के किसी भी तान्त्रिक के सामने बैठ जाये, तान्त्रिक उसके बारे में चवन्नी भर भी सही नहीं बता पायेगा अपनी सिद्धि से।
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क्योंकि देवी की शक्ति भूत प्रेत से बड़ी है।
।
उस तान्त्रिक की कई सालों की तपस्या आपके 1 घण्टे के अर्गला स्तोत्र का जाप के सामने फेल हो जाएगी।
।
।
[3] मेरे जानने वाले एक तान्त्रिक को उसकी किसी सिद्धि ने बताया की मैं तुझे गड़ा धन दिलवा दूँगी।
।
उसको हमारे मण्डी जिले की हाटेश्वरी माता के मन्दिर जँगल में ले जाकर बोली गया कि यहाँ कच्चे हीरे हैं उन्हें निकाल लो।
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पानी मे डाले रखना और 2 साल बाद वो हीरे में बदल जाएंगे।
।
जिसके पास सिद्धि होती है वो उसी की बात सीधी सुनता है, ना किताब खोलता ना किसी की बात और विश्वास करता।
।
कुछ कच्चे हीरे जैसे टुकड़े वहाँ निकले और 2-3 किलो टुकड़े वो गाड़ी में ले आये।
।
कहीं से एसिड लाया और जार में एक छोटा टुकड़ा डाल के देखा तो कुछ रासायनिक परिवर्तन हुआ।
।
उसने कई महीनों तक उनको पानी में डुबो के रखा।
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कभी शीशे पर कट लगा के चैक करता कभी कुछ।
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कोई कैमिस्ट्री एक्सपर्ट तान्त्रिक से मिलने आया था, उसने डिब्बे में देखा तो हंस पड़ा।
।
बोला कि भाई साहब ये #चूनापत्थर कहाँ से लाये हो?
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पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।
।
।
[4] जब आपका बुरा वक्त चलता है तो ये सिद्धियाँ भी आओका साथ छोड़ती हैं।
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जब इनका मूड काम करने का नहीं होता है तो तान्त्रिक को बहाना लगा देती हैं कि हमें किसी ने बाँध लिया है, हमारा बन्धन किया गया है।
।
आप मरने को मर जाओ, लेकिन आपका साथ नहीं देंगी।
।
इनको मुर्गे शराब का शौक होता है, बलि भूत प्रेत ही लेते हैं।
।
क्या किसी ने सुना कभी की कृष्ण ने बकरे या मुर्गे की बलि ली, श्री राम ने बलि माँगी?
।
।
एक तान्त्रिक और सन्त में बहुत फर्क होता है।
।
तान्त्रिक हर हफ्ते मुर्गा बोतल ले जाता और बलि देता था।
।
।
एक सन्त जी ने उसको सीधे ही एक बात कही।
।
।
बेटा वो तेरा भूत है वो खुद तेरे घर में खून के छींटे डालता है और तुझे बीमार भी करता है।
।
जब तू उससे कुछ पूछता है तो वो कह देता है कि तेरे पर किसी ने तन्त्र क्रिया कर दी है, उसकी काट करने के लिए मुर्गा बोतल लगेगा।
।
बेटा तेरे को किसी ने कुछ नहीं किया है, बस तेरा भूत बिगड़ गया है।
।
ये सारी जिन्दगी तेरा काम नहीं करेगा और तेरे से मुर्गे बोतल मंगवाता रहेगा।
।
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आप भी देख लेना, किसी भी आदमी के तान्त्रिक बनने के बाद उस पर बार बार तन्त्र प्रहार होने को बात वो कहेगा।
।
उसके घर में कोई ना कोई बीमार रहेगा, या कोई ना कोई और समस्या रहेगी जिसको सॉल्व करने के लिये वो बलि आदि देता रहता है।
।
।
एक्चुअल में वो उसका पाला हुआ भूत प्रेत उसे उलझाने में लगा रहता है और खाने पीने के मजे लेता है।
।
भला कौन भूत किसी के लिए 24 घण्टे अपनी रगड़ाई करता रहे?
।
।
तान्त्रिक के आसपड़ोस में भी ऐसी समस्या बढ़ेगी और तान्त्रिक उसे सॉल्व करता है।
।
बदले में वही मुर्गा बोतल।
।
फैक्ट को ध्यान से देखना -
।
जहाँ तान्त्रिक नहीं होते हैं, वहाँ भूत प्रेत से ग्रसित लोग भी नहीं होते।
।
।
जैसे ही आपके आसपास तान्त्रिक मौजूद होंगे कोई ना कोई प्रेत बाधा से ग्रसित निकलेगा।
।
।
तान्त्रिक का जीवन इन्हीं शक्तियों में उलझ रहता है।
।
।
जब इन शक्तियों की सम्भालना मुश्किल होने लगता है तो वो किसी और को ढूंढते हैं जो इनकी सिद्धि को ले ले।
।
कभी कभी तो वो डर के मारे अपने बच्चों में भी इन सिद्धियों को ट्रांसफर देते हैं।
।
मौत का डर बुरा नहीं है।
।
लेकिन इन शक्तियों के द्वारा दुर्दशा होने का डर बहुत भयँकर होता है।
।
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अंदर ही अंदर खाये जाता है लेकिन किसी को बता नहीं सकते।
।
।
इसलिए चमत्कारों की दुनियाँ से निकल जाएं।
।
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सद्कर्म करें और कर्म के साथ भक्ति करें।
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।
जीवन अमूल्य है, इसको सीवरेज पाइप की गटर गन्दगी खाकर बिताने की ना सोचें।
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।
नमस्कार मित्रों।
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आप में से कुछ ऐसे मित्र भी होंगे जो तन्त्र मन्त्र का चमत्कार देखकर ये सोचते होंगे कि हम भी तान्त्रिक बनें।
।
[ #अपने_कर्म_के_जरिये_हम_भगवान_से_अपनी_किस्मत_लिखवाते_हैं।
।
जिसके कर्मानुसार उसकी किस्मत में तान्त्रिक बनना लिखा है तो उसको तान्त्रिक बनने से कोई नहीं रोक सकता है।
मैं किसी तान्त्रिक को गलत नहीं कहता, सबकी अपनी किस्मत और अपना कर्म है ]
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।
आँखों देखी कुछ घटनाएँ आपके सामने प्रस्तुत हैं।
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।
पहले एक कहानी जो #कॉलेज_टाइम में अपने सलेब्स में पढ़ी थी और #तान्त्रिक_सिद्धि की #हकीकत_बयान करती है।
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#डॉक्टर_फॉस्टस बाय #क्रिस्टोफर_मार्लो
।
किसी को शौक हो तो वो किताब खरीद के पढ़ लेना।
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शॉर्टकट स्टोरी -
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एक बहुत विद्वान जर्मनी व्यक्ति जिसे डॉक्टर फॉस्टस के नाम से जाना जाता था, उसे किसी ने भूत प्रेत की सिद्धि से कुछ चमत्कार दिखाए।
।
डॉक्टर ने पर प्रभावित होकर तन्त्र मन्त्र की खोज शुरूकर दी, उसे कुछ तान्त्रिक साधनाएं प्राप्त हुई।
।
उसने जैसे ही साधना किस तो उसके सामने #शैतान_का_दूत #मैफिस्टऑफिलिस प्रकट हो गया।
।
डॉक्टर ने उसे कहा कि तुम मेरा काम करोगे,
।
मैफिस्टऑफिलिस ने कहा कि मैं #शैतान के कहने पर काम करता हूँ, मुझे काम करवाना चाहते हो तो पहले शैतान से #डील करो।
।
मैफिस्टऑफिलिस ने डॉक्टर को शैतान से मिलवाया और डॉक्टर ने डील कर ली कि 22 साल तक मैफिस्टऑफिलिस डॉक्टर का काम करेगा और उसके बाद #डॉक्टर_की_आत्मा_अनन्तकाल के लिए #शैतान_की_गुलाम हो जाएगी।
।
डॉक्टर को एग्रीमेंट पर अपने खून से हस्ताक्षर करने थे।
।
हस्ताक्षर करने से पहले ही डॉक्टर के बाजू पर ईसा मसीह के रक्त के निशान बनने लगे कि #रुक_जाओ ये गलत है।
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लेकिन डॉक्टर नहीं माना और उसने हस्ताक्षर कर दिए।
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मैफिस्टऑफिलिस डॉक्टर का गुलाम बन गया और जैसा डॉक्टर कहता वैसा वो कर देता।
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उसने मैफिस्टऑफिलिस को बोल के हवा में पुल बना दिये, बड़ी बड़ी इमारतें जादू से खड़ी कर दी।
।
वहाँ के सम्राट के पूर्वजों को जिन्दा कर के उनके छुपाए हुए खजाने निकलवा दिये।
।
बड़े बड़े कलाकारों लेखकों कवियों को जिन्दा कर के उनके गीत सङ्गीत कविता कहानी आदि का आनन्द उठाता था।
।
पूरे जर्मनी का #तान्त्रिक_सम्राट बन गया।
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।
कुछ समय बाद मैफिस्टऑफिलिस काम करने से टलने लगा, डॉक्टर कुछ बोलता तो वो सिर्फ हंसता रहता।
।
डॉक्टर की शक्तियाँ जाने लगी, उसके 22 साल पूरे होने लगे, तो डॉक्टर दिन रात अपने अंजाम को सोचने लगा।
।
उसके बनाये पुल इमारतें गिरने लगी, उसके बनाये सोने के सिक्के मिट्टी में बदलने लगे।
।
सब कुछ स्वाहा हो गया।
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डॉक्टर के 22 साल पूरे होने का आखरी दिन था।
।
डॉक्टर बहुत रो रहा था, अपने आप को कोस रहा था कि काश उस दिन सम्भल जाता, काश वो चेतावनी नजरंदाज ना की होती।
।
अपने आप को बहुत कोसता रहा।
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रात के 12 बजने वाले थे और वो डर के मारे दहाड़ें मार मार के रो रहा था।
।
आख़िरकार आज शैतान उसकी आत्मा को #अनन्तकाल तक गुलाम बनाने के लिए आने वाला था।
।
नरक की आग में उसे ले जाने वाला था।
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नरक में फटते ज्वालामुखी और आसमान से बरसते अंगारे, जहाँ जर तरफ से आग ही आग बरसती हो, वहाँ कोई अनन्तकाल तक कैसे रह सकता है।
।
आसमान को तरफ देखकर रो रहा था कि हे ईश्वर मुझे बचा ले।
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आसमान में ईसा मसीह का खून फैला था, डॉक्टर के रहा था कि हे ईश्वर एक बून्द इस खून की मुझ पर बरसा दे, मैं नरक जाने से बच जाऊँगा।
।
कुछ बूंदें उसके पास आने लगी लेकिन जैसे ही डॉक्टर ने हाथ बढ़ाया तो वो बूँदें भी उससे दूर चली गई।
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डॉक्टर के दुख का अन्त नहीं था, वो मानसिक वेदना उसको तोड़ रही थी।
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12 बजे और नरक का दरवाजा डॉक्टर के सामने खुल गया।
।
मौत से सौदा हो चुका था, लेकिन मौत भी ऐसी जो कभी नहीं आएगी।
।
शैतान के दूतों ने डॉक्टर को पकड़ा और सीधा खींच के ले चले।
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डॉक्टर रोता रहा चिल्लाता रहा लेकिन इसे रगड़ घसीट के नरक में ले गए और उसके निकलने का दरवाजा हमेशा के लिए बन्द हो गया।
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सेम यही हाल तान्त्रिक साधना वाले का होता है।
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एक मित्र ने पीर साधना की थी, उसने कहा कि पीर ने वचन देने से पहले उसकी किसी दूसरी शक्ति से बात करवाई थी।
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तान्त्रिक का जीवन दुःखी क्यों रहता है?
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ये सिद्धियाँ गले की हड्डी बन जाती हैं जिसे ना उगल सकते हैं ना निगल सकते हैं।
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शुरू में अच्छा काम करेंगी, बाद में बेइज्जत करवा देंगी।
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याद रखें - किसी भी तान्त्रिक के पास भूत-प्रेत, मसाण, कर्णपिशाचिनी, प्रेतनी, चुड़ैल, आदि से ज्यादा कुछ नहीं होता है।
।
जो किसी बड़ी पदवी पर आसीन तान्त्रिक होता है या कोई तन्त्र गुरु आदि होते हैं तो उनके पास कुछ बड़े लेवल की साधना होती है लेकिन वो अपने चेलों को हमेशा छोटी सिद्धि ही करवाते हैं।
।
ऐसा समझिए कि कमिश्नर आपको चपरासी से कॉन्स्टेबल बना देता है।
।
कमिश्नर तो कॉन्स्टेबल की सब हरकत देख सकता है लेकिन कॉन्स्टेबल कमिश्नर की हर हरकत को नहीं देख सकता है।
।
इसी प्रकार छोटा तान्त्रिक कभी भी अपने गुरु की सिद्धि को नहीं समझ पायेगा कि उसके पास बड़ी सिद्धि है और उसे एक छोटी सिद्धि दी गई है।
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कुछ बातें जो आँखों देखी हैं -
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[1] मैंने ऐसा सुना था कि जब बड़ी कैटेगिरी के देवता की आप साधना करते हैं तो छोटा मोटा तान्त्रिक अपनी सिद्धि के जरिये भी आपके बारे में कुछ जानकारी नहीं बता सकता।
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सबसे पहले तो ये बात है कि तान्त्रिक के पास शक्ति होती है वो उसे जानकारी देती है आपके बारे में।
।
उसके पास भूत प्रेत पिशाच ही होंगे जो बताएंगे।
।
मेरे एक मित्र थे जिनके पास एक सिद्धि है, मुझे उस सिद्धि के बारे में बताया था कि उनके पास किस चीज की सिद्धि है।
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उन्होंने एक बार मेरे बारे में बताना शुरू किया, मेरे पड़ोसी के साथ हुई घटनाएं भी बता दी।
।
फिर मुझे याद आया कि किसी बड़े देवी देवता का कवच पाठ करें तो सामने वाला आपके बारे में नहीं बता पायेगा।
।
मैंने उनको एक बात बताने के लिए कहा, उन्होंने मन्त्र पढ़ना शुरू किया।
।
मैंने भी तुरन्त ही मन में एक स्तुति शुरू कर दी।
।
वो मित्र हंस के बोले कि अरे भाई क्या कर रहे हो?
।
[ उनकी सिद्धि मेरा माइंड नहीं पढ़ पाई, और ना मेरे बारे में उनको डाटा मिला ]
।
मैंने कहा मैं कुछ नहीं कर रहा आप बताओ तो सही।
।
उन्होंने 4-5 ऑप्शन्स दिए लेकिन एक भी सही नहीं गया, जबकि पहले उनकी एक एक बात बिल्कुल सटीक जाती रही।
।
उसके बाद उन्होंने मना कर दिया कि रहने दो, अब इस टॉपिक को छोड़ दो।
।
आप भी
।
[2] कोई भी मन्दिर हो वहाँ पर जो सवारी आती है वो किसी भी देवी या देवता की नहीं होती है, भला इस मल मूत्र से भरे शरीर मे देवी देवता कैसे आकर बोल सकते हैं?
।
सवारी आने पर जो शक्ति बात करती है वो #नाहरसिंह_देवता होता है।
।
[ विष्णु अवतार भगवान नृसिंह और नाहरसिंह दोनों अलग हैं ]
।
एक औरत काफी पूजा पाठ करती थी, उसके शरीर में कम्पन पड़ने लगा और कमजोरी महसूस होने लगी।
।
उसका हसबंड उसको मन्दिर में ले गया जहाँ पुजारी को माता की सवारी आती थी। ( एक्चुअल में वो नाहरसिंह ही होता है)
।
उस औरत के बारे में पुजारी कहने लगा कि इसे जोगणी ( योगिनी ) की छाया पड़ी है।
।
पूजारी ने ट्रीटमैंट में पता नहीं क्या क्या बोल दिया।
।
घर में जब वो आया तो उसके पड़ोस का डॉक्टर भी ड्यूटी से आया और उसने उस लेडी को देखा तो सिम्पटम्स देख के सीधा बोला कि इसको टाइफाइड हो रहा है।
।
दूसरे दिन ना तन्त्र ना मन्त्र, सीधा विडल टैस्ट करवाया और टाइफाइड निकला।
।
दवाई खाई और लेडी ठीक।
।
अगर पूजारी की बॉडी में देवी होती तप सीधा बोलती इसको हॉस्पिटल ले जाओ।
।
वास्तव में वो लेडी दुर्गा माता का अगला स्तोत्र रोज पढ़ती थी।
।
जो भी अर्गला स्तोत्र का 11 बार पाठ कर के किसी भी तान्त्रिक के सामने बैठ जाये, तान्त्रिक उसके बारे में चवन्नी भर भी सही नहीं बता पायेगा अपनी सिद्धि से।
।
क्योंकि देवी की शक्ति भूत प्रेत से बड़ी है।
।
उस तान्त्रिक की कई सालों की तपस्या आपके 1 घण्टे के अर्गला स्तोत्र का जाप के सामने फेल हो जाएगी।
।
।
[3] मेरे जानने वाले एक तान्त्रिक को उसकी किसी सिद्धि ने बताया की मैं तुझे गड़ा धन दिलवा दूँगी।
।
उसको हमारे मण्डी जिले की हाटेश्वरी माता के मन्दिर जँगल में ले जाकर बोली गया कि यहाँ कच्चे हीरे हैं उन्हें निकाल लो।
।
पानी मे डाले रखना और 2 साल बाद वो हीरे में बदल जाएंगे।
।
जिसके पास सिद्धि होती है वो उसी की बात सीधी सुनता है, ना किताब खोलता ना किसी की बात और विश्वास करता।
।
कुछ कच्चे हीरे जैसे टुकड़े वहाँ निकले और 2-3 किलो टुकड़े वो गाड़ी में ले आये।
।
कहीं से एसिड लाया और जार में एक छोटा टुकड़ा डाल के देखा तो कुछ रासायनिक परिवर्तन हुआ।
।
उसने कई महीनों तक उनको पानी में डुबो के रखा।
।
कभी शीशे पर कट लगा के चैक करता कभी कुछ।
।
।
कोई कैमिस्ट्री एक्सपर्ट तान्त्रिक से मिलने आया था, उसने डिब्बे में देखा तो हंस पड़ा।
।
बोला कि भाई साहब ये #चूनापत्थर कहाँ से लाये हो?
।
।
पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।
।
।
[4] जब आपका बुरा वक्त चलता है तो ये सिद्धियाँ भी आओका साथ छोड़ती हैं।
।
जब इनका मूड काम करने का नहीं होता है तो तान्त्रिक को बहाना लगा देती हैं कि हमें किसी ने बाँध लिया है, हमारा बन्धन किया गया है।
।
आप मरने को मर जाओ, लेकिन आपका साथ नहीं देंगी।
।
इनको मुर्गे शराब का शौक होता है, बलि भूत प्रेत ही लेते हैं।
।
क्या किसी ने सुना कभी की कृष्ण ने बकरे या मुर्गे की बलि ली, श्री राम ने बलि माँगी?
।
।
एक तान्त्रिक और सन्त में बहुत फर्क होता है।
।
तान्त्रिक हर हफ्ते मुर्गा बोतल ले जाता और बलि देता था।
।
।
एक सन्त जी ने उसको सीधे ही एक बात कही।
।
।
बेटा वो तेरा भूत है वो खुद तेरे घर में खून के छींटे डालता है और तुझे बीमार भी करता है।
।
जब तू उससे कुछ पूछता है तो वो कह देता है कि तेरे पर किसी ने तन्त्र क्रिया कर दी है, उसकी काट करने के लिए मुर्गा बोतल लगेगा।
।
बेटा तेरे को किसी ने कुछ नहीं किया है, बस तेरा भूत बिगड़ गया है।
।
ये सारी जिन्दगी तेरा काम नहीं करेगा और तेरे से मुर्गे बोतल मंगवाता रहेगा।
।
।
आप भी देख लेना, किसी भी आदमी के तान्त्रिक बनने के बाद उस पर बार बार तन्त्र प्रहार होने को बात वो कहेगा।
।
उसके घर में कोई ना कोई बीमार रहेगा, या कोई ना कोई और समस्या रहेगी जिसको सॉल्व करने के लिये वो बलि आदि देता रहता है।
।
।
एक्चुअल में वो उसका पाला हुआ भूत प्रेत उसे उलझाने में लगा रहता है और खाने पीने के मजे लेता है।
।
भला कौन भूत किसी के लिए 24 घण्टे अपनी रगड़ाई करता रहे?
।
।
तान्त्रिक के आसपड़ोस में भी ऐसी समस्या बढ़ेगी और तान्त्रिक उसे सॉल्व करता है।
।
बदले में वही मुर्गा बोतल।
।
फैक्ट को ध्यान से देखना -
।
जहाँ तान्त्रिक नहीं होते हैं, वहाँ भूत प्रेत से ग्रसित लोग भी नहीं होते।
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जैसे ही आपके आसपास तान्त्रिक मौजूद होंगे कोई ना कोई प्रेत बाधा से ग्रसित निकलेगा।
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तान्त्रिक का जीवन इन्हीं शक्तियों में उलझ रहता है।
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जब इन शक्तियों की सम्भालना मुश्किल होने लगता है तो वो किसी और को ढूंढते हैं जो इनकी सिद्धि को ले ले।
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कभी कभी तो वो डर के मारे अपने बच्चों में भी इन सिद्धियों को ट्रांसफर देते हैं।
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मौत का डर बुरा नहीं है।
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लेकिन इन शक्तियों के द्वारा दुर्दशा होने का डर बहुत भयँकर होता है।
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अंदर ही अंदर खाये जाता है लेकिन किसी को बता नहीं सकते।
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इसलिए चमत्कारों की दुनियाँ से निकल जाएं।
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सद्कर्म करें और कर्म के साथ भक्ति करें।
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जीवन अमूल्य है, इसको सीवरेज पाइप की गटर गन्दगी खाकर बिताने की ना सोचें।

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