Saturday, July 27, 2019

आय भंग योग

#आय_भंग_योग


एकादश भाव आय का भाव होता है।

यदि एकादश भाव का स्वामी छठे या आठवें भाव में चला जाये तो आय भँग हो जाती है।

बड़े स्तर पर होने वाली कमाई छोटे स्तर पर सीमित हो जाती है।

एकादश का स्वामी नीच राशि में हो तब भी ऐसा होता है कि आय का साधन अच्छा नहीं बन पाता है।



जातक को एस्ट्रोलॉजर्स ने कहा कि आपका #विपरीत_राजयोग है, आपको #अरबपति होना चाहिए।


लेकिन ऐसा नहीं है।


जातक ने 25 लाख का ट्रेलर खरीदा था और कुछ समय बाद दूसरा  ट्रेलर भी खरीदा था।

दूसरे ट्रेलर के कारण हानि हो गई और 7-8 लाख का कर्ज टाइमली ना चुकाने के कारण बैंक ने #डिफॉल्टर बना दिया।


अब किसी भी बैंक से लोन नहीं मिलेगा।



जिसके पॉइंट्स-


जन्म - 25 अगस्त 1979
समय - 20:20 बजे, हिसार हरियाणा



[1] इनका छठे और बारहवें भाव का स्वामी षष्टम भाव मे षष्टम भाव के स्वामी के साथ ही है।

विपरीत राजयोग की स्थिति बनती है लेकिन इनका शुक्र और शनि दोनों ही #अस्त हैं।

अस्त ग्रह विपरीत राजयोग में सफलता नहीं देते।

यदि विपरीत राजयोग वाले ग्रह उग्र और क्रूर हो तो अधिक सफलता देते हैं क्योंकि छठे आठवें भाव मे क्रूर और उग्र ग्रह बड़े काण्ड करने वाले होते हैं।


[2] शनि एकादश भाव और द्वादश भाव का स्वामी है और छठे भाव में गया है।


द्वादशेश होने से शनि विपरीत राजयोग बना रहा है लेकिन एकादशेश होने से आय भँग कर रहा है।


जिस व्यक्ति की कमाई ही खड्डे में चली जाए तो अरबपति कैसे बने ?



[3] राहु के साथ एकादश भाव का स्वामी कर्ज में में है इसलिए राहु महादशा समाप्त होते होते आय भँग का फल मिल गया।

अब अपने कार्य को बड़े स्तर पर करने के लिए लोन नहीं मिलेगा।


छोटा कार्य करना पड़ेगा लेकिन उससे पैसा इतना कमाएंगे कि किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

[4] धन और भाग्य भाव का स्वामी मंगल है और चतुर्थ केन्द्र में है जिसके कारण जातक का धन अच्छा रहेगा और कर्ज सिर पे आये तो पूरा उतार देगा।



  • मंगल की स्थिति के कारण ही बैंक का जो 7-8 लाख का कर्ज था वो उतार पाए।

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