#आय_भंग_योग
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एकादश भाव आय का भाव होता है।
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यदि एकादश भाव का स्वामी छठे या आठवें भाव में चला जाये तो आय भँग हो जाती है।
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बड़े स्तर पर होने वाली कमाई छोटे स्तर पर सीमित हो जाती है।
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एकादश का स्वामी नीच राशि में हो तब भी ऐसा होता है कि आय का साधन अच्छा नहीं बन पाता है।
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जातक को एस्ट्रोलॉजर्स ने कहा कि आपका #विपरीत_राजयोग है, आपको #अरबपति होना चाहिए।
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लेकिन ऐसा नहीं है।
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जातक ने 25 लाख का ट्रेलर खरीदा था और कुछ समय बाद दूसरा ट्रेलर भी खरीदा था।
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दूसरे ट्रेलर के कारण हानि हो गई और 7-8 लाख का कर्ज टाइमली ना चुकाने के कारण बैंक ने #डिफॉल्टर बना दिया।
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अब किसी भी बैंक से लोन नहीं मिलेगा।
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जिसके पॉइंट्स-
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जन्म - 25 अगस्त 1979
समय - 20:20 बजे, हिसार हरियाणा
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[1] इनका छठे और बारहवें भाव का स्वामी षष्टम भाव मे षष्टम भाव के स्वामी के साथ ही है।
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विपरीत राजयोग की स्थिति बनती है लेकिन इनका शुक्र और शनि दोनों ही #अस्त हैं।
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अस्त ग्रह विपरीत राजयोग में सफलता नहीं देते।
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यदि विपरीत राजयोग वाले ग्रह उग्र और क्रूर हो तो अधिक सफलता देते हैं क्योंकि छठे आठवें भाव मे क्रूर और उग्र ग्रह बड़े काण्ड करने वाले होते हैं।
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[2] शनि एकादश भाव और द्वादश भाव का स्वामी है और छठे भाव में गया है।
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द्वादशेश होने से शनि विपरीत राजयोग बना रहा है लेकिन एकादशेश होने से आय भँग कर रहा है।
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जिस व्यक्ति की कमाई ही खड्डे में चली जाए तो अरबपति कैसे बने ?
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[3] राहु के साथ एकादश भाव का स्वामी कर्ज में में है इसलिए राहु महादशा समाप्त होते होते आय भँग का फल मिल गया।
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अब अपने कार्य को बड़े स्तर पर करने के लिए लोन नहीं मिलेगा।
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छोटा कार्य करना पड़ेगा लेकिन उससे पैसा इतना कमाएंगे कि किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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[4] धन और भाग्य भाव का स्वामी मंगल है और चतुर्थ केन्द्र में है जिसके कारण जातक का धन अच्छा रहेगा और कर्ज सिर पे आये तो पूरा उतार देगा।
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एकादश भाव आय का भाव होता है।
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यदि एकादश भाव का स्वामी छठे या आठवें भाव में चला जाये तो आय भँग हो जाती है।
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बड़े स्तर पर होने वाली कमाई छोटे स्तर पर सीमित हो जाती है।
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एकादश का स्वामी नीच राशि में हो तब भी ऐसा होता है कि आय का साधन अच्छा नहीं बन पाता है।
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जातक को एस्ट्रोलॉजर्स ने कहा कि आपका #विपरीत_राजयोग है, आपको #अरबपति होना चाहिए।
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लेकिन ऐसा नहीं है।
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जातक ने 25 लाख का ट्रेलर खरीदा था और कुछ समय बाद दूसरा ट्रेलर भी खरीदा था।
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दूसरे ट्रेलर के कारण हानि हो गई और 7-8 लाख का कर्ज टाइमली ना चुकाने के कारण बैंक ने #डिफॉल्टर बना दिया।
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अब किसी भी बैंक से लोन नहीं मिलेगा।
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जिसके पॉइंट्स-
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जन्म - 25 अगस्त 1979
समय - 20:20 बजे, हिसार हरियाणा
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[1] इनका छठे और बारहवें भाव का स्वामी षष्टम भाव मे षष्टम भाव के स्वामी के साथ ही है।
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विपरीत राजयोग की स्थिति बनती है लेकिन इनका शुक्र और शनि दोनों ही #अस्त हैं।
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अस्त ग्रह विपरीत राजयोग में सफलता नहीं देते।
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यदि विपरीत राजयोग वाले ग्रह उग्र और क्रूर हो तो अधिक सफलता देते हैं क्योंकि छठे आठवें भाव मे क्रूर और उग्र ग्रह बड़े काण्ड करने वाले होते हैं।
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[2] शनि एकादश भाव और द्वादश भाव का स्वामी है और छठे भाव में गया है।
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द्वादशेश होने से शनि विपरीत राजयोग बना रहा है लेकिन एकादशेश होने से आय भँग कर रहा है।
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जिस व्यक्ति की कमाई ही खड्डे में चली जाए तो अरबपति कैसे बने ?
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[3] राहु के साथ एकादश भाव का स्वामी कर्ज में में है इसलिए राहु महादशा समाप्त होते होते आय भँग का फल मिल गया।
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अब अपने कार्य को बड़े स्तर पर करने के लिए लोन नहीं मिलेगा।
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छोटा कार्य करना पड़ेगा लेकिन उससे पैसा इतना कमाएंगे कि किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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[4] धन और भाग्य भाव का स्वामी मंगल है और चतुर्थ केन्द्र में है जिसके कारण जातक का धन अच्छा रहेगा और कर्ज सिर पे आये तो पूरा उतार देगा।
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- मंगल की स्थिति के कारण ही बैंक का जो 7-8 लाख का कर्ज था वो उतार पाए।

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