Saturday, April 27, 2019

मदनगोपाल योग पॉर्नस्टार मिया खलीफा

#मदनगोपाल_योग


#पॉर्नस्टार_मिया_खलिफ़ा का नाम मेरी उम्र के लड़कों में बड़े आदर सम्मान से लिया जाता है।

करोड़ो युवाओं की भावनाएं मिया ख़लीफ़ा से जुड़ी हैं।


मिया खलीफा की कुण्डली में मदनगोपाल योग है।

सुनने में बड़ा धार्मिक योग लगता है और बड़ा नटखट नाम है मदनगोपाल का।


इस योग वालों के सम्बंध बहुत से स्त्री/पुरुषों से रहते हैं क्योंकि ये व्यभिचारी होते हैं।

भोग विलासिता इनका बहुत बड़ा आकर्षण होता है।


मदनगोपाल योग का सबसे बड़ा उदाहरण मंगल शुक्र की युति होना है।

लेकिन ऐसी स्थितियां देखी हैं जिनमें मंगल शुक्र भले ही इक्कठे ना हो लेकिन व्यक्ति/स्त्री व्यभिचारी जरूर होते हैं।


लग्नेश का सप्तम भाव में और सप्तमेश का लग्न में स्थानपरिवर्तन करना।

दोनों का दृष्टिसम्बन्ध होना और शुक्र का इसमें प्रभाव होना।

चन्द्रमा शुक्र का एकसाथ होना।

लग्न या सप्तम में शुक्र का होना या लग्नेश सप्तमेश दोनों का एक साथ होना और शुक्र भी इनके सामने या साथ में होना।

लग्न में या सप्तम भाव में उच्च शुक्र होना।


मीन लग्न में उच्च शुक्र किसी भी शुभयोग के मामले में सबसे बेकार कहा जा सकता है क्योंकि ये सिर्फ व्यभिचारी बना देता है।

मीन में लग्न में शुक्र योगकारक नहीं होता है।

ये अष्टमेश और तृतीयेश होकर उच्च हो जाता है।

उच्च होने से शरीर सुडौल आकर्षक बन जाता है लेकिन सप्तम भाव पर नीच दृष्टि वैवाहिक जीवन को नष्ट करती है।

मित्र/सहेलियां बहुत होते हैं और फ्रैंड सर्कल में ही कई मित्रों/ सहेलियों से सम्बन्ध भी बनते देखे गए हैं।


लग्न में उच्च शुक्र वाला जातक/जातिका ऑपोजिट जैण्डर को अट्रैक्ट बड़ा जल्दी कर लेता है लेकिन बात शारीरिक सम्बन्धो से आगे नहीं बढ़ती है।

क्योंकि उच्च शुक्र वालों का सप्तमेश हमेशा ही शुक्र से द्विद्वादश में रहता है।

जो कि अपने स्थान सप्तम भाव से षडाष्टक की स्थिति है और सप्तम भाव की हानि कर देती है।


यदि मीन लग्न के सप्तमेश बुध के साथ राहु अथवा केतु हो और शनि का प्रभाव हो तो तलाक हो जाता है या किसी अन्य प्रकार से वियोग होता है।

यदि बुध केतु या राहु इक्कठे हों और उन पर शनि का प्रभाव भी आ जाये तो पति सैक्सुअल कमजोर या पत्नी में किसी प्रकार की कमी होती है।

जिसके कारण वैवाहिक जीवन मे अतृप्तता आती है क्योंकि लग्न में उच्च शुक्र ने कामुक बनाया है और सप्तम भाव पर नीच दृष्टि डाल दी है।

बेड़ा गरका हो गया वैवाहिक जीवन का।


शुक्र विलासिता और कामुकता देता है।


ऐसे पुरुष आपको खुद से बहुत कम उम्र की लड़कियों से सम्बन्ध बनाते हुए भी मिलेंगे या जीजा साली के साथ सैटिंग में होगा या कोई स्त्री खुद से छोटी उम्र के लड़के के साथ सम्बन्ध बनाएगी, अथवा छोटी उम्र के देवर के साथ या आसपड़ोस सैटिंग करने वाली मिलेगी।


क्योंकि सप्तमेश बुध बाल्यावस्था का कारक है और छोटी उम्र के लकड़े अथवा लड़कियों से सम्बन्ध देता है।


कई बात पति भी पत्नी से छोटा देखा गया है जिसका कारण स्त्री का सप्तमेश बुध या सप्तमेश का बुध से सम्बन्ध होता है।


आपको कुछ राजनैतिक स्त्रियाँ ऐसी मिलेंगी जिनकी शिक्षा कम होगी और योग्यता भी चवन्नी के बराबर की होगी, लेकिन फिर भी बड़े बड़े पदों और मंत्रालयों पर राज करती होंगी।

ऐसा क्यों है?


उनका अधिकतर दशम भाव में शुक्र मिलेगा।

दशम का शुक्र सरकार में लाभ विलासिता के माध्यम से दे रहा है।

किसी बड़े मन्त्री को खुश कर दिया जाता है और वो इन्हें खुश कर देता है।


अब मन्त्री इन्हें यूज कर के छोड़ भी सकता है लेकिन इनको लाभ देने के लिए वो मजबूर होता है क्योंकि ये मन्त्री का ही MMS बना के रख भी लेती हैं और ब्लैकमेल भी कर देती हैं।


शुक्र राहु बहुत चतुर है ऐसे कांड करने में।


एक एक्ट्रैस सुंदर होती है, उसकी विवाह जल्दी नहीं होता है, और जब होता है तो किसी अधेड़ उम्र के आदमी के साथ होता है।


मॉडलिंग से शुरुआत होती है और राजनीति में में खत्म होती है।

ये शुक्र की देन है।

शुक्र सही और सप्तमेश खराब होता है उनका।
शुक्र के कारण फ़िल्म इंडस्ट्री मिली जिसमें रोल पाने के लिए भी इन डायरेक्टर प्रोड्यूसर के साथ सोना पड़ता है, तभी फ़िल्म मिलती है।


सबको मालूम होता है कि हीरोइन है और करेक्ट से लैस है।


इसलिए शादि भी नहीं होती।


शुक्र के कारण लग्ज़री मिली है लेकिन वैवाहिक सुख नहीं।



एक कुण्डली देखी थी मिथुन लग्न की जिसमें सप्तमेश बृहस्पति और लग्नेश बुध लग्न भाव में थे, द्वितीय भाव में शुक्र था।

कम से कम 200 औरतों से उस बन्दे की रिलेशन बने थे।


ऐसे बहुत सारे योग मिल जायेंगे।


अब कुछ योग ऐसे होते हैं जो सैक्स मामले में बदनाम कर देते हैं और कुछ नाम बना देते हैं।


जैसे कि पॉर्नस्टार #सन्नी_लियोन है, उसके दशम भाव में शुक्र है।

पोर्नस्टार भी बनी और फ़िल्म इंडस्ट्री में भी आई।



[ 13 मई 1981 समय 14:30 बजे सरनिया कनाडा में जन्म ]



मिया खलीफा की कुण्डली के कुछ पॉइंट्स-


जन्म - 11 फरवरी 1993
समय - सुबह 8:30 बजे
स्थान - बेरूत लेबनॉन


[1] मीन लग्न में उच्च शुक्र लावण्यता वाला शरीर दे रहा है।

चेहरा ही कितना सुन्दर दुखता है, किसी भी पुरुष को जल्दी ही आकर्षित कर ले।

ऐसी लावण्यता और नयन नक्श शुक्र की देन है।

चेहरा गोरा होना सुंदरता नहीं होती, सांवला चेहरा भी सुंदर लगता है, अगर नयन नक्श सुन्दर हो।

इसकी धनुषाकार आईब्रोज शुक्र के प्रभाव को बहुत खूब दिखा रही हैं, धनुषाकार आईब्रोज वाले गीत संगीत कालकारी एक्टिंग और आर्ट में बहुत रुचि रखते हैं जिसका कारण शुक्र और चन्द्रमा है।

100 में से 95 लोगों की आईब्रोज धनुषाकार मिलेगी जिनके लग्न लग्नेश पर शुक्र का प्रभाव हो।

[2] चेहरा इतना सुगढ़ता वाला है जिसका कारण लग्न पर लग्नेश बृहस्पति की दृष्टि होना है।

शरीर सुन्दर ही है।


[3] सप्तम भाव में चन्द्रमा का होना सम्भोग में बहुत रुचि दिखा रहा है और इसने अपना प्रोफेशन भी यही चुना क्योंकि चन्द्रमा पर शुक्र का प्रभाव है।

[4] सप्तमेश बुध अपने स्थान से छठा जाकर सप्तम भाव की हानि कर रहा है।

[5] लग्न में उच्च शुक्र, स्तपम में चन्द्रमा, लग्नेश भी सप्तम में, और सप्तमेश अपने स्थान से छठा जाकर हानि कर रहा है।

सीधे सीधे इसका मदनगोपाल योग स्पष्ट हो रहा है।

[6] इतनी लग्जरी लाइफ जी रही है, अनेक पुरुषों से सम्बन्ध बनाती है और दुनियाँ भर में प्रसिद्ध है।

क्योंकि मालव्य योग, गजकेसरी योग, भाग्य और धन का स्वामी मंगल केन्द्र में, पँचमेश का सप्तम में होना इसको राजयोगों से मालामाल कर रहा है इसलिए तो ये ऐसी साक्षात कामदेव स्वरूपिणी देवी भोग विलास में आनन्द करती है।

[7] शुक्र पर कमाई के स्वामी शनि की दृष्टि है जो शुक्र के द्वारा कमाई का लाभ होने का योग बना रहा है और शुक्र अर्थात विलासिता से ये कमाई कर रही है।

[8] इसके भाग्य भाव में राहु नीच है जिसने इसे बड़ा धोखा दिया राहु महादशा में, इसको प्रसिद्धि पाने की इच्छा थी जो राहु पूरी नहीं होने देता था।

इसके राजयोग फल देने के लिए आतुर थे और 2014 में इसने मन के शौक के अनुसार अपना करियर एज ए पोर्नस्टार चूज कर लिया।

जैसे ही बृहस्पति की महादशा शुरू हुई, तो दुनियाँ भर में सबसे कम समय में सबसे अधिक रेटिंग पाने वाली पॉर्नस्टार बनी।


बड़ी मुश्किल से इसका कपड़े पहना हुआ फोटो ढूँढा है, नहीं तो ये कपड़ो के साथ मिलती ही कहाँ है?

सारे बर्तन भाण्डे यहाँ वहाँ खड़कते रहते हैं इसके।

[ मुझे इसकी आँखें जरा भी पसन्द नहीं हैं, बहुत बुरी लगती हैं, जैसे हवस और बेईमानी कूट कूट के इसकी आँखों से ही टपकती है। ]


[नोट -अब कृपा कर के मत पूछियेगा कि मैं इस चार्ट को कहाँ से लाया हूँ। ]

1 comment:

  1. व्रृश्चिक लग्न के बारे में बताइये

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