#केशपतन_योग।
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#गंजापन
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गंजेपन का सबसे बड़ा कारण #सूर्य है।
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जन्म कुण्डली में लग्न का सम्बन्ध सूर्य से होगा तो मैक्सिमम #आदमी गंजा होगा।
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#औरत की कुण्डली में इस तरह का कॉम्बिनेशन बनेगा तो मैक्सिमम उसके #बाल_झड़ेंगे या #माँग_चौड़ी होगी या बालों की ग्रोथ बहुत अच्छी नहीं होगी।
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सूर्य पीड़ित होने पर गंजापन बहुत ज्यादा देखा गया है।
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लग्न, द्वितीय या सप्तम भाव में राहु केतु से पीड़ित सूर्य 100 में से 95 पुरुषों को गंजापन देगा।
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यह भी देखा गया है कि लग्न या सप्तम में नीच सूर्य भी गंजापन देता है।
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लग्न पर सूर्य का प्रभाव होने पर भी यदि गंजापन ना हुआ तो माथा चौड़ा जरूर होगा।
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कुछ ऐसे कॉम्बिनेशन देखे गए कि जिनमें गंजापन बहुत सटीक निकला
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कुछ मित्रों ने कहा कि बाल झड़ने का कारण बुध का खराब होना है क्योंकि बुध त्वचा का कारक है और अस्त होने पर त्वचा में बाल सम्भालने की ताकत नहीं रहती है जिसके कारण गंजापन आ जाता है।
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कुछ ने कहा शुक्र,चन्द्रमा अस्त होने के कारण गंजापन आ जाता है क्योंकि शुक्र श्रृंगार का कारक है।
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जबकि मुख्य कारण सूर्य ही निकलेगा।
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किसी की भी कुण्डली में यदि बुध शुक्र चन्द्रमा आदि चतुर्थ भाव से दशम भाव के बीच अस्त होंगे तो गंजापन नहीं आएगा।
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गंजापन तभी आएगा जब सूर्य लग्न, द्वितीय, सप्तम और द्वादश भाव में होगा, तभी तो चन्द्रमा, बुध, शुक्र अस्त होंगे क्योंकि बुध सूर्य से अधिकतम दूसरे भाव की दूरी तथा शुक्र अधिकतम तीसरे भाव की दूरी तक ही जाता है।
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कोई भी ग्रह सूर्य के नजदीक होने कारण ही अस्त होता है।
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भले ही ये ग्रह अस्त ना हो, तो भी लग्न, द्वितीय, सप्तम और द्वादश भाव का सूर्य अधिकतम गंजा कर देगा।
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द्वादश में सूर्य वाला व्यक्ति कम गंजा देखा गया है लेकिन लग्न, द्वितीय और सप्तम वाले मैक्सिमम गंजे हुए देखे हैं।
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लग्न और द्वितीय भाव से चेहरा देखा जाता है।
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सप्तम भाव से सूर्य की सातवीं दृष्टि लग्न पर पड़ती है।
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यदि जातक गंजा ना हुआ तो भी माथा अधिक चौड़ा कर देगा।
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कुछ कॉम्बिनेशन जो गंजे व्यक्तियों पर देखे गए हैं।
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[1] मकर लग्न में बुध तथा द्वितीय भाव मे शुक्र सूर्य केतु।
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[2] सिंह लग्न में द्वितीय भाव में सूर्य केतु शुक्र।
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[3] कर्क लग्न में सूर्य।
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[4] मेष लग्न में सप्तम भाव में सूर्य केतु।
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[5] सिंह लग्न में द्वितीय भाव का सूर्य बुध।
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[6] तुला लग्न में सप्तम भाव में सूर्य राहु।
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[7] सिंह लग्न वालों पर विशेष रूप से ये बात देखी गई है कि सूर्य किसी भी भाव में पीड़ित हो, कुछ हद तक बाल झड़े हुए देखे हैं या जातक गंजा हो गया है।
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[8] एक कंडीशन में ये देखा गया कि कर्क लग्न में सूर्य था और 42 वर्ष की आयु तक बाल नहीं झड़े थे।
।
इसका कारण ये नोटिस किया गया कि द्वादश भाव में बृहस्पति और द्वितीय में बुध था।
।
लग्न के दोनों ओर द्वितीय और द्वादश भाव में शुभ ग्रह हों तो #शुभकर्तृ_योग बनता है, जिसके कारण शायद गंजापन तो नहीं आया लेकिन माथा चौड़ा था।
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प्रस्तुत कुण्डली वाला लड़का भी गंजा हो जाएगा क्योंकि इसके बाल झड़ना शुरू हो चुके हैं।
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जन्म - 28 जनवरी 1998
समय - 7:30 सुबह
स्थान - मण्डी हिमाचल प्रदेश
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[1] मकर लग्न में शत्रु राशि का सूर्य है।
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यही काफी है।
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#गंजापन
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गंजेपन का सबसे बड़ा कारण #सूर्य है।
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जन्म कुण्डली में लग्न का सम्बन्ध सूर्य से होगा तो मैक्सिमम #आदमी गंजा होगा।
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#औरत की कुण्डली में इस तरह का कॉम्बिनेशन बनेगा तो मैक्सिमम उसके #बाल_झड़ेंगे या #माँग_चौड़ी होगी या बालों की ग्रोथ बहुत अच्छी नहीं होगी।
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सूर्य पीड़ित होने पर गंजापन बहुत ज्यादा देखा गया है।
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लग्न, द्वितीय या सप्तम भाव में राहु केतु से पीड़ित सूर्य 100 में से 95 पुरुषों को गंजापन देगा।
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यह भी देखा गया है कि लग्न या सप्तम में नीच सूर्य भी गंजापन देता है।
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लग्न पर सूर्य का प्रभाव होने पर भी यदि गंजापन ना हुआ तो माथा चौड़ा जरूर होगा।
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कुछ ऐसे कॉम्बिनेशन देखे गए कि जिनमें गंजापन बहुत सटीक निकला
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कुछ मित्रों ने कहा कि बाल झड़ने का कारण बुध का खराब होना है क्योंकि बुध त्वचा का कारक है और अस्त होने पर त्वचा में बाल सम्भालने की ताकत नहीं रहती है जिसके कारण गंजापन आ जाता है।
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कुछ ने कहा शुक्र,चन्द्रमा अस्त होने के कारण गंजापन आ जाता है क्योंकि शुक्र श्रृंगार का कारक है।
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जबकि मुख्य कारण सूर्य ही निकलेगा।
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किसी की भी कुण्डली में यदि बुध शुक्र चन्द्रमा आदि चतुर्थ भाव से दशम भाव के बीच अस्त होंगे तो गंजापन नहीं आएगा।
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गंजापन तभी आएगा जब सूर्य लग्न, द्वितीय, सप्तम और द्वादश भाव में होगा, तभी तो चन्द्रमा, बुध, शुक्र अस्त होंगे क्योंकि बुध सूर्य से अधिकतम दूसरे भाव की दूरी तथा शुक्र अधिकतम तीसरे भाव की दूरी तक ही जाता है।
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कोई भी ग्रह सूर्य के नजदीक होने कारण ही अस्त होता है।
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भले ही ये ग्रह अस्त ना हो, तो भी लग्न, द्वितीय, सप्तम और द्वादश भाव का सूर्य अधिकतम गंजा कर देगा।
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द्वादश में सूर्य वाला व्यक्ति कम गंजा देखा गया है लेकिन लग्न, द्वितीय और सप्तम वाले मैक्सिमम गंजे हुए देखे हैं।
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लग्न और द्वितीय भाव से चेहरा देखा जाता है।
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सप्तम भाव से सूर्य की सातवीं दृष्टि लग्न पर पड़ती है।
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यदि जातक गंजा ना हुआ तो भी माथा अधिक चौड़ा कर देगा।
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कुछ कॉम्बिनेशन जो गंजे व्यक्तियों पर देखे गए हैं।
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[1] मकर लग्न में बुध तथा द्वितीय भाव मे शुक्र सूर्य केतु।
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[2] सिंह लग्न में द्वितीय भाव में सूर्य केतु शुक्र।
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[3] कर्क लग्न में सूर्य।
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[4] मेष लग्न में सप्तम भाव में सूर्य केतु।
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[5] सिंह लग्न में द्वितीय भाव का सूर्य बुध।
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[6] तुला लग्न में सप्तम भाव में सूर्य राहु।
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[7] सिंह लग्न वालों पर विशेष रूप से ये बात देखी गई है कि सूर्य किसी भी भाव में पीड़ित हो, कुछ हद तक बाल झड़े हुए देखे हैं या जातक गंजा हो गया है।
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[8] एक कंडीशन में ये देखा गया कि कर्क लग्न में सूर्य था और 42 वर्ष की आयु तक बाल नहीं झड़े थे।
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इसका कारण ये नोटिस किया गया कि द्वादश भाव में बृहस्पति और द्वितीय में बुध था।
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लग्न के दोनों ओर द्वितीय और द्वादश भाव में शुभ ग्रह हों तो #शुभकर्तृ_योग बनता है, जिसके कारण शायद गंजापन तो नहीं आया लेकिन माथा चौड़ा था।
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प्रस्तुत कुण्डली वाला लड़का भी गंजा हो जाएगा क्योंकि इसके बाल झड़ना शुरू हो चुके हैं।
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जन्म - 28 जनवरी 1998
समय - 7:30 सुबह
स्थान - मण्डी हिमाचल प्रदेश
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[1] मकर लग्न में शत्रु राशि का सूर्य है।
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यही काफी है।

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