#गूँगेपन का योग।
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द्वितीय भाव से वाणी का विचार किया जाता है।
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वाणी कारक ग्रह बुध से भी विचार किया जाता है।
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यदि कुण्डली में द्वितीय भाव का स्वामी नीच हो
या द्वितीय भाव में नीच ग्रह हो
तथा किसी शुभ ग्रह की दृष्टि ना हो।
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द्वितीय का स्वामी वक्री अथवा अस्त हो
तो वाणी में कोई ना कोई विकार निकलता है।
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चाहे जातक हकलाता हो या तुतलाता हो या गूँगा भी हो सकता है।
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यदि द्वितीय भाव का स्वामी कुछ अच्छी अवस्था में हो
तो समय के साथ वाणी में सुधार भी हो जाता है
लेकिन पूर्णतया निर्दोष वाणी नहीं बन पाती।
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ये जिस बच्चे मि कुण्डली है वो बच्चपन में थोड़ा बहुत बोलता था लेकिन 3-4 साल बाद इसकी आवाज बन्द हो गई।
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बच्चा अब नहीं बोल पायेगा।
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इस कुण्डली के कुछ पॉइंट्स।
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जन्म - 4 मार्च 2010
समय - 21:26 बजे
स्थान - जैफरसन सिटी ( यूनाइटेड स्टेट )
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[1] बच्चा क्यों बोला ?
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(1) वाणी स्थान का स्वामी मंगल दशम भाव में वक्री तथा नीच है लेकिन चन्द्रमा का केन्द्र में जाने से मंगल का नीच भंग होने के कारण बच्चे में बोलने की कुछ हद तक सामर्थ्यता थी।
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(2) वाणी का स्वामी दिग्बली है जिसके कारण स्थानबल मिला है लेकिन मंगल को कोई दूसरा शुभ बल प्राप्त नहीं है इसलिए ये कम बोल पाया।
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[2] बच्चा क्यों नहीं बोलेगा ?
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(1) द्वितीय भाव पर वक्री शनि की शत्रु दृष्टि से।
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(2) #भावात_भावम का सूत्र लगाने पर द्वितीय से द्वितीय भाव अर्थात तृतीय भाव का स्वामी बृहस्पति अस्त है तथा तृतीय भाव में राहु नीच राशि का नकारात्मक फल दे रहा है।
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(3) वाणी कारक बुध भी अस्त है।
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(4) द्वितीय भाव पर वक्री ग्रह शनि की दृष्टि तथा द्वितीय का स्वामी नीच राशि का वक्री होकर अपने से पिछले भाव मे बैठे नीच केतु का फल भी दे रहा है, वाणी में विकृति या दोष रहेगा।
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(5) द्वितीय भाव पर तथा द्वितीयेश पर किसी भी प्रकार के शुभ ग्रह का दृष्टिबल नहीं है।
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(6) मंगल भिनाष्टक वर्ग में वाणी के स्वामी मंगल की द्वितीय भाव पर शून्य रेखा है।
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(7) वाणी कारक बुध अस्त है तथा नीच द्वितीयेश मंगल से दृष्ट है वाणी विकृत कर रहा है, बोलने की क्षमता कम होगी।
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#निष्कर्ष -
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बोल पाने के पॉजिटिव पॉइंट्स कम है तथा ना बोल पाने के नकारात्मक पॉइंट्स अधिक हैं।
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यदि बालक पहले बोलता था तो अब नहीं बोल पायेगा क्योंकि बोलने वाले सकारात्मक बिंदु का फल मिल चुका है।
आयु के साथ बढ़ते हुए नकारात्मक बिन्दु का प्रभाव मिलता रहेगा। किसी बड़े पूजा अनुष्ठान आदि से यदि बालक बोल पाया तो भी वाणी कारक बुध अस्त होने के कारण हकलाहट बहुत अधिक रहेगी तथा स्पष्ट वाणी नहीं निकलेगी।
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#अतः_बालक_नहीं_बोल_पायेगा।

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