Wednesday, August 7, 2019

झूठ से कमाया धन या लाभ बहुत अधिक हानि देता है।

 आपने #झूठ_बोलकर_कमाया है तो वो #पैसा_या_लाभ आपको #बहुत_ज्यादा_दुःख_देकर_समाप्त_होगा।


कुण्डली में #द्वितीय_भाव #वाणी_तथा_धन_संचय का होता है।

#एक्सपीरियंस

कुछ बातें जो मैंने कुण्डली और लोगों के व्यवहार  में देखी है।


आपकी वाणी भले ही कड़वी है लेकिन अगर वो सच्ची है तो किसी की मजाल नहीं जो आपका चवन्नी का भी नुक्सान कर जाए या व्यर्थ हो जाये।


मीठी वाणी अगर झूठी है तो आप जितना मर्जी अपना पैसा बचाने की कोशिश करो, जितना मर्जी पूजा पाठ उसके लिए कर दो तो भी आप उस झूठ से मिले धन को संचय नहीं कर सकते।

वो धन आपसे बीमारी या दुर्घटना में खर्च हो जाएगा।

कोई आपसे मांगे तो आप मुकर जाओगे लेकिन जब शरीर टूटेगा तो धन निकालना ही पड़ेगा।


आपका धन ईमानदारी का है, सच बोल के कमाया है वो आपको छोड़कर नहीं जायेगा, किसी ने उधार लिया तो सही सलामत सही समय पर वापस आएगा।

द्वितीय भाव में शुभग्रह हो अच्छा हो तो आपको कभी झूठ बोलने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी और धन की कमी भी नहीं आएगी।
 ।

कुछ अपनी वाणी की चतुराई दिखाने के चक्कर में आपका यूज करेंगे, लेकिन जब भी आपको एहसास हो कि ये वाणी की चतुराई से मेरा इस्तेमाल कर गया तो समझ जाना उसका राहु अब धड़ाका करने वाला है।

उसे कुछ मत बोलो, उसे कुछ ही समय में खुद ही सब नजर आ जायेगा।

कोई झूठ बोलकर आपका समय बर्बाद करेगा, आपको यूँ ही परखता रहेगा झूठ बोल के।

ऐसा आदमी पैसे का बहुत धोखा खायेगा इसमें शक नहीं है।


आजकल लोग चैक भर के दे देते हैं और उनके अकाउंट में पैसा नहीं होता है, सामने वाला चैक को कोर्ट में लगा देता है।

उम्मीद से दुगना तिगुना नुक्सान ऐसे फ्रॉड चैक के लिए झेलना पड़ता है।


ऐसा क्यों होता है ?

द्वितीय भाव में राहु केतु या नीच ग्रह होना इसका कारण है, धन के मामले में पहले तो झूठ बुलवाया।

सामने वाले ने कोर्ट में लगा दिया, उसके बाद जो उसका समय बर्बाद किया आदि जैसे नुक्सान किये उसका जुर्माना भी भरना पड़ा।

राहु ने छल से अमृत पी लिया था लेकिन हजम नहीं हुआ।

सिर कटवा दिया ख़ामख़ा में।

राहु भले ही झूठ बोल दे लेकिन सूर्य (सरकार) उस झूठ को पकड़ के दण्ड दे देगा।


आँखों देखी बात है।


एक व्यक्ति की कुण्डली में द्वितीय भाव का नीच राहु था।

उसने ने अपने भाई के साथ पैसे के मामले में ₹70000/- की हेराफेरी की थी और ये बात मुझे स्पष्ट रूप से पता थी।

उसके भाई को मैंने इतना ही कहा था कि इसका राहु चला है, 8 महीने रुक जा।


4-5 महीने बाद ही उसके बेटे ने गाड़ी चलाते हुए स्कूटी पर जाने वाली लड़की को टक्कर लगा दी।

लड़की की टांग और पसलियाँ टूटी।


गाड़ी चलाने वाला लड़का 15-16 साल का।

बिना लाइसेंस के गाड़ी चला रहा था।


जैसे ही घर में फोन आया तो उन बन्दे के होश उड़ गए।

जब तक वहाँ पहुँचा तब तक लड़की के माँ बाप ने पुलिस में रिपोर्ट कर दी थी।

लड़की हॉस्पिटल में ट्रॉमा वार्ड में एडमिट हो गई।

पुलिस के मामले में #व्हीकल_एक्ट  आदि का पंगा।

लड़की के इलाज का सारा खर्च उठाने को राजी हो गया।


इस मामले से उलझते सुलझते 3-4 महीने लगे, लड़की की टाँग ठीक होने में भी 5-8 महीने लगे।


सिर्फ ₹70000/- का ही चूना अपने भाई को लगाया था।

4-5 लाख तक देना पड़ गया।


वो 4-5 लाख पता नहीं किस किस को झूठ बोलकर कमाया था।

जब वो पैसा गया तो मानसिक रूप से बहुत ज्यादा दुख देकर गया।

उम्मीद से ज्यादा घातक नुक्सान के साथ समाप्त हुआ।

No comments:

Post a Comment