Sunday, March 10, 2019

निःस्व योग

#निःस्व_योग।


#द्वितीय_भाव का स्वामी #त्रिक_भावों में या #नीच राशि में हो अथवा #राहु_केतु के साथ हो तो यह योग बनता है।


मेरे पास ऐसे 3 केस आये हैं जिनमें लोगों को तान्त्रिकों ने लूटा है।

2 को #वशीकरण के चक्कर मे और तीसरे को टूटी शादि जोड़ने के चक्कर में।

तीनों को अलग अलग #बाबाओं ने #लूटा लेकिन लूटने की टेक्निक सेम ही थी।


#तीसरे बन्दे को जैसे लुटा है वो तो आप खुद ही देख लेना।



इस योग के बारे में शास्त्रों में कहा है -


सुवचनशून्यो विफल कुटुम्ब: कुजनसमाज कुदशनचक्षु:।
मतिसुतविद्याविभवहीनो रिपुहृतवित्त: प्रभवति निःसवे।


निःसव योग में पैदा हुआ जातक करुषवाक, विफल कुटुम्ब, दुर्जनों के साथ रहने वाला, नेत्र और दाँतो से कुरूप, बुद्धि, पुत्र, वैभव और विद्या से हीन होता है तथा शत्रु उसके धन को हरण कर लेते हैं।


शास्त्रों में जो परिभाषा और फल लिखी होती है वो 100% मैच हो जाये ऐसा भी नहीं कह सकते लेकिन 98% तक तो एक्यूरेट कह सकते हैं देश काल और पात्रता के अनुसार।


श्लोक में लिखा गया जी की नेत्र और दांत कुरूप होंगे, लेकिन जिज़ लड़की की यह कुण्डली है वो देखने मे सुंदर  थी और दांत भी अच्छे थे।


ये 2016 की बात है।

एक लड़की की कुण्डली देखी थी जो ट्रेनिंग के लिए घर से दूर हमारे एरिया में आई थी और रेंट पे रहती थी।

उससे जान पहचान हो गई थी और उसे पैसे का लॉस होने की प्रिडिक्शन की थी।

4-5 महीने बाद इसका मैसेज आया कि इसको कुछ प्रॉब्लम हो गई है पैसे से रिलेटिड।


इससे जब बात हुई तो इसने बताया कि ये ₹70000/- बर्बाद कर बैठी है एक #तान्त्रिक पर।

इसके मुँह से जब ₹70000/- सुना तो मैं सोच रहा था मेरी जेब में ₹500/- भी नहीं हैं और ये छोकरी इतनी बड़ी रकम कहाँ बर्बाद कर गई?


इसकी पूरी बात ये थी -

इसका एक बॉयफ्रैंड था, उसने इसको #धोखा दिया और दूसरी गर्लफ्रैंड बना ली।

इसका दिमाग खराब हो गया, इसने #अखबार से किसी #बंगाली_बाबा का नम्बर निकाला।

अखबार में लिखा था 101% वशीकरण की गैरन्टी, #सौतन_से_छुटकारा तुरन्त पाएं, 21 घण्टे में #दुश्मन_की_मौत का #तमाशा देखें।

#काले_इल्म के #माहिर बाबा बंगाली जी।

जो मेरे किये इल्म को काट दे, उसको #मुँहमाँगा_इनाम दूँगा।



बाबा बंगाली ने इसको कहा कि तेरा काम हो जायेगा, उसमें पूजा होगी 11 दिन की और फीस लगेगी।

काम ना हुआ तो पैसा वापस करूँगा।

लड़की ने जब फीस पूछी तो उसने कहा कि वो 11 दिन तक पूजा पाठ करेगा और इसका खर्च लड़की को देना होगा।

लड़की ने कहा कि इसने उस लड़की को तन्त्र से मरवाना है और लड़का इसके वश में होना चाहिए।

बाबा बोला ₹21000/- एक काम है तो दोनों कामों का ₹42000/- लगेगा।

लड़की ने कहा ठीक है।

लड़की के अकाउंट में उसके पिता ने ₹50000/- डाले थे जो उसकी समेस्टर फीस रहने का खर्चा स्टडी वगैरह के लिए थे।

उसने बंगाली को पेमेंट कर दी।

बाबा बंगाली इसको बोला पहले 11 दिन में उस लड़की को मारने की क्रिया करनी पड़ेगी उसके बाद लड़का वश में होगा।

10 दिन तक दूसरी लड़की को कोई असर नहीं हुआ।

बंगाली बोला थोड़ा और पैसा लगेगा, पूजा बढ़ानी पड़ेगी, कोई शक्ति उस लड़की को बचा रही है जिसको काटने के लिए 5 दिन का #कपाल_भैरो पाठ करना पड़ेगा और उसका खर्चा ₹11000/- होगा।

लड़की के दिमाग में सिर्फ मारना और वश करना ही घूम रहा था।

इसने अपनी सहेलियों से पैसे इकट्ठे किये और उसको दिए।

15 दिन बाद वो बाबा बोला कि अब वशीकरण का पाठ शुरू करना है, उसके बाद दोनों काम इक्कठे ही हो जाएंगे।

एक तरफ लड़की मरेगी और दूसरी तरफ लड़का वश में हो जाएगा।

इस लड़की को वो बाबा लटकाता रहा और बहकाता रहा।

कुछ दिन बाद वो बाबा बोला कि अब तुझे जगमोहिनी यन्त्र बनाकर भेजूँगा तब लड़का वश में होगा, जिसका खर्च ₹11000/- होगा।

इस लड़की ने दोबारा सहेलियों से पैसा लिया और बंगाली को दे दिए।


जब आखरी टाइम आ रहा था तो इस लड़की से उसने फिर पैसे मांगे कि अब #मारण_क्रिया के लिए #बकरे_की_बलि देनी पड़ेगी उसका खर्चा भी देना पड़ेगा 11 दिन बकरे को खिलाना पिलाना वगैरह होगा आखरी दिन 7 #अघोरियों को भोजन कराना है, तब क्रिया पूरी होगी।


लड़की से उसने फिर ₹11000/- माँगे और लड़की ने इस बार अपनी बहन से लिए।


जब सभी इसका काम ना हुआ तो लड़की ने पूछा मेरा काम कब होगा?

बाबा फिर पैसे माँगने लगा।

अब लड़की किसी से पैसा नहीं माँग सकती थी, ना किसी को बता सकती थी कि क्या हुआ ?


इसने कहा कि मेरे पैसे वापस कर दो।

बाबा ने एक चवन्नी तक नहीं दी।

आप चैट के स्क्रीनशॉट में देख लीजिए।

लड़की कह रही है कि पैसे दे दो, मैंने लोगों से उधार लिए हैं।

बाबा बोलता है कि मैं आज पैसे डलवा दो, हमारी पूजा कम्प्लीट हो जाएगी।

अगर काम नहीं बना तो अपनी गाड़ी बेच कर पैसा वापस करूँगा।


इस लड़की को कोई पैसा नहीं दिया, उसने इसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया।

जिनसे उधार लिया था उन्होंने पैसा मांगना शुरू किया और लड़की डिप्रेशन में जाने लगी थी और ना तो पढ़ाई की समेस्ट फीस दी ना सहेलियों के पैसे लौटा पाई।

जब इसकी बहन ने पैसे मांगे तो इसके पास वो भी नहीं थे।

ये परेशान हो गई और मुझे फोन कर के बोली कि क्या आप पैसों की कुछ हैल्प कर सकते हो?

अगर मुझे पैसे ना मिले तो मैं सुसाईड करने की कंडीशन में पहुंच चुकी हूँ।


इतना सा सुनने के बाद मेरे को चक्कर आना शुरू हो गया था।


मैंने बहुत सोचने के बाद इसको कहा कि फिर हेराफेरी फ़िल्म की कहानी सुना देना कि कम्पनी वाले पैसा डबल करने को बोल के लूट गए, उनके नम्बर मैंने डर के मारे डिलीट कर दिए, मैं किसी दूसरे सिम कार्ड से फोन करती थी जो फेंक दिया है, अब उनका कोई कॉन्टेक्ट नहीं है।


ये मान भी गई।


इसकी बहन ने अपने पिता से बोला कि इसने पैसे लिए हैं और लौटा नहीं रही है।

इसने वही फिर हेराफेरी वाली राम कहानी सुना दी।

मजबूरन लड़की के पिता को उन सब के पैसे लौटाने पड़े।

लड़की बच तो गई लेकिन डिप्रेसड रही कई महीनों तक और इसका साइकेट्रिक ट्रीटमैंट चला था।


आप लड़की का भेजा हुआ स्क्रीनशॉट देखें ये व्हाट्सऐप का बहुत पुराना वर्जन है जिसमें मोबाइल नम्बर भी पूरा फीड नहीं है।

नम्बर +91-90015 9------ है।

ये राजस्थान का नम्बर था।




इसकी कुण्डली के कुछ पॉइंट्स -


जन्म - 1 सितम्बर 1997
जन्मसमय - 05:38 बजे सुबह मण्डी हिमाचल प्रदेश।


[1] सिंह लग्न में धन भाव का स्वामी बुध लग्न में राहु के साथ है जो अपनी दुर्बुद्धि से धन का नाश दर्शा रहा है।

[2] धन भाव में दशम और तृतीय भाव का स्वामी शुक्र  नीच का है जो धन का नाश और धन के कारण बहन सहेलियों के साथ मनमुटाव दर्शा रहा है।

[3] पँचम भाव का स्वामी बृहस्पति छठे भाव में नीच है जो पढ़ाई की हानि और अल्पबुद्धि दर्शा रहा है, इसने अपना समेस्टर बर्बाद किया और काफी टेंशन झेली।

[4] सप्तम के केतु और सप्तमेश शनि के अष्टम में होने से लव अफेयर में धोखा हुआ।

[5] लग्न के सूर्य ने अहंकार बढ़ा दिया कि मेरा अपमान कर दिया मुझे छोड़ कर चला गया तो बदला लेकर रहूँगी चाहे कुछ भी हो जाये।

[6] तन्त्र मन्त्र छलावे के कारक ग्रह राहु ने आग में घी डाला और अष्टमस्थ शनि के प्रभाव से वशीकरण की बुद्धि लगी।

[7] राहु चन्द्रमा ने मानसिक तनाव दिया, सुसाइड की वृत्ति हो गई।

[8] नीच बृहस्पति और खराब चन्द्रमा के कारण साइकेट्रिक ट्रीटमेंट लेना पड़ा।

[9] बुद्धि का स्वामी बृहस्पति नीच, तर्क का स्वामी बुध राहु के कारण जड़त्व योग में और मन का कारक चन्द्रमा खराब होने से एक बार अड़ गई तो अड़ गई।

[10] लग्न का सूर्य और अहंकारी, बुध राहु का जड़त्व योग इसे जिद्दी और किसी की बात ना सुनने वाला बना रहा है जिसके कारण ये लड़की किसी भी हद तक जाने को तैयार हो गई।

[11] धन हानि के सारे जुगाड़ इस निःस्व योग के कारण बने की इसका पैसा हर कोई ऐसा गैरा ले गया, परिवार में इज्जत कम हो गई।



दूसरे लड़के को शादी जोड़ने के नाम पर ठगा गया इसी प्रोसीजर के जरिये।


तीसरे बन्दे को तो ऐसा लूटा कि जिन्दगी भर बाबा का भूत नहीं उतरेगा सिर से।


लड़का मिडल क्लास का था, उसके ₹30000/- लूटे गए।


उसके पड़ोस में कोई शादीशुदा औरत थी, देखने में अच्छी थी, और वो उसपर वशीकरण कराने के लिए फोन किया।


बाबा बोला - ₹21000/- सारी क्रिया मैं करूँगा, क्रिया के लिए उसका वो नम्बर देना जिस पे वो व्हाट्स चलाती है।

नम्बर पर क्रिया मैं कर दूँगा, उसी व्हाट्सएप से तेरे पास आएगी वो।

तेरे को सिर्फ एक मन्त्र दूँगा।

तूने हथेली पर उस औरत का नाम लिखना है और उस औरत के घर की तरफ मुँह के कर के अपने कमरे में बैठ के मन्त्र जपना है।

मन्त्र जपते जपते जब तेरे हाथ से वो लिखा नाम गायब हो जाए तो समझ लेना वो वश में है।

फिर वो तुझे व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल करेगी और फोन पर अपना जलवा दिखायेगी।

वही शुरुआत है, उसके साथ फिर जो चाहे करना वो तेरी ही हो जाएगी।


उस बन्दे ने फुदक फुदक कर पैसे तान्त्रिक को दिए और पड़ोस की उस औरत का नम्बर दे दिया।

तान्त्रिक ने कहा शाम को क्रिया कर दूँगा, शाम को फोन करना।


दिन को उस बन्दे ने उस औरत के पता नहीं क्या क्या ख्वाब देख लिए खुश होकर।


जब शाम को उस बन्दे ने फोन किया तो तान्त्रिक ने जो बोला उसे सुनकर उसकी खाट बाट उड़ गई।


तान्त्रिक ने बोला - जो नम्बर तुमने दिया था मैंने उसपर फोन किया था और उस औरत से बात की।

उसको रॉन्ग नम्बर बोल दिया।

अब मेरे अकाउंट में ₹10000/- डाल नहीं तो उस औरत को फोन कर के उसके पति का नम्बर ले लूँगा और उसको बता दूँगा की तूने उस औरत पर वशीकरण करवाने को फोन किया है।


बस यही सुनना था कि लड़का ब्लडप्रेशर लो होने की वजह से चक्कर खाकर गिर पड़ा था।

थोड़ी देर बाद जब लड़का थोड़ा नॉर्मल हो गया तो उसने उस तान्त्रिक को फोन किया और बहुत मिन्नतें की।

तान्त्रिक ने उससे ₹10000/- और वसूल कर ही लिए।


[ अखबार पर ऐसे विज्ञापनों से दूर रहें। ]

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