#ज्योतिष में #खौफ़ का दूसरा नाम #सांप है।
।
कालसर्प योग, नाग दोष, सर्पदंश योग, वक्राकार कालसर्प योग, गर्वकार कालसर्प योग, निश्चलाकार कालसर्प योग, आंशिक कालसर्प योग, अनन्त कालसर्प योग, कुलिक कालसर्प योग, वासुकी कालसर्प योग, शँखपाल कालसर्प योग, पद्म कालसर्प योग, महापद्म कालसर्प योग, तक्षक कालसर्प योग, कर्कोटक कालसर्प योग, शँखनाद कालसर्प योग, घातक कालसर्प योग, विषाक्त कालसर्प योग, शेषनाग कालसर्प योग, दृश्य गोलार्द्ध कालसर्प योग, अदृश्य गोलार्द्ध कालसर्प योग, विपरीत कालसर्प योग, सर्प श्राप योग।
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इसके अलावा 12 लग्नों में 144 प्रकार कालसर्प योग का फल मिलता है।
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जो कुण्डली में इन सभी प्रकार के योगों के होते हुए बच जाता है, उसकी कुण्डली में #निष्प्रभावी_कालसर्प_योग होता है।
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समय के साथ साथ कालसर्प योग के प्रकारों में भी डेवलोपमेन्ट होती जा रही है।
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60-70 सालों में #काल_एनाकॉन्डा_योग भी आ जायेगा और 100 साल बाद #काल_चुमाना_योग भी आएगा।
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क्योंकि #चुमाना प्रजाति का अजगर पृथ्वी का #सबसे_बड़ा_अजगर है।
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[ हद होती है यार बकैती की भी ]
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लेकिन इस योग का फीमेल वर्जन #विषकन्या_योग बिल्कुल सटीक है, उसका प्रभाव देखने को मिलता है।
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उसके बाद #इच्छाधारी नाग-नागिन भी आते हैं।
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जो सांप 700 से 1000 साल जी जाते हैं वो इच्छाधारी नाग नागिन बन जाते हैं।
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या 422 बार केंचुली उतारने के बाद इच्छाधारी नाग नागिन बन जाते है।
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देखा किसी ने भी नहीं है, सिर्फ सुना है।
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#नागमणि भी होती है, जिसको बहुत से लोगों ने देखा भी होगा, ये बात सही है।
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लेकिन कुछ बातें बहुत बेतुकी होती हैं जैसे एक कहानी है -
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एक बच्चा मिट्टी अब खेल रहा था तो वहाँ बिल से कोबरा प्रजाति का सांप निकल आया।
।
बच्चे ने सांप के सिर पर मिट्टी डाल दी और सांप बार बार सिर झुका रहा था।
।
बच्चे के माता पिता को डर लगा और रोने लगे कि इतना बड़ा कोबरा है, काट लेगा तो बचा मरेगा।
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पड़ोसी ने कहा मेरे पास बन्दूक है, बच्चा तो वैसे भी खतरे में है, गोली सांप को मारूँगा, सांप मर गया तो ठीक है अन्यथा गोली बच्चे को भी लग सकती है।
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बाप ने कहा सांप पर गोली चला दो।
।
सांप को गोली लगी और सांप अधमरा हो गया।
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सांप को झाड़ियों में फेंक दिया गया।
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रात को सांप की आंखों में गोली चलाने वाले का चेहरा आ गया और वो सांप उसे काट आया।
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वो बन्दा मर गया।
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सुबह लोग इक्कठे हुए तो कहा कि सांप ने काटा है, सपेरा बुलाओ।
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सपेरा आया, उसने बीन बजा के सांप को बुलाया।
।
सपेरे ने सांप को कहा कि जहर चूसो इसका।
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सांप नहीं चूस रहा था।
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सपेरे ने सांप की आत्मा को बच्चे के शरीर मे प्रवेश करवा दिया और पूछा कि तुम जहर क्यों नहीं चूस रहे हो?
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तब बच्चे के अंदर प्रवेश की हुई उस सांप की आत्मा ने कहा कि ये बच्चा आज से 7 जन्म पहले एक सेठ था और मैं गरीब था।
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मैंने इससे 500 रुपये उधार लिए थे जो मैं नहीं चुका पाया।
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जब मुझे ये बच्चा दिखा तो मैंने इसके अंदर उस सेठ की आत्मा को देख लिया और सेठ ने भी मुझे पहचान लिया था।
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बच्चा मुझ पर मिट्टी फैंक कर धिक्कार रहा था और मैं शर्मिंदा हिकर सिर झुका के माफी मांग रहा था।
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लेकिन इस आदमी ने गोली चला दी, जबकि इससे मेरी कोई दुश्मनी नहीं थी और ना ही बच्चे को मुझसे कोई खतरा था।
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इसलिए मैंने इसे काट लिया।
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अब अगर इसका जहर चूसवाना हो तो इस बच्चे के माता पिता को 500 रुपये दो और मुझे कर्ज से मुक्त करो।
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मैं इस आदमी का जहर चूस के इसे जीवित कर दूँगा और तुम बाद में इस से 500 रुपये ले लेना।
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सपेरे ने बच्चे के माता पिता को 500 रुपये दिए और उस सांप ने जहर चूस के उस आदमी को जिन्दा कर दिया।
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[ ठीक है कर्म का फल और लेनदेन पूरा हुआ जिसका वर्णन तो भागवत गीता में भी है कि कर्मफल से कोई नहीं भाग सकता है, चाहे कर्मफल अच्छा हो या बुरा हो।
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लेकिन सांप के द्वारा जहर चूसने वाली बात सर्फ ढकोसला लगती है।
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क्योंकि जब कोबरा काटता है तो आधे घण्टे में सारा नर्वस सिस्टम डैमेज हो जाता है, सारा खून क्लॉट्स में बदल जाता है।
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वो आदमी तो सारी रात पड़ा रहा, उसका तो चाहे जहर चूस या कुछ भी चूसो, वो ठीक नहीं हो सकता।
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ऐसा होता तो हॉस्पिटल में डॉक्टर को ना बैठाकर सपेरे को बैठा लेते। ]
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किसी भी जीव का मारना पाप ही है।
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सांप और मच्छर में आत्मा एक जैसी है, लेकिन शरीर का फर्क है।
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पाप उतना ही लगेगा।
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लेकिन मच्छर को हम गम्भीरता से नहीं लेते और सांप को तो पूछिये ही मत।
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समुद्र मंथन में सांप, विष्णु की शैया सांप की, शिवजी का गले में सांप, कुंडली में सांप, कुण्डलिनी में सांप, बॉलीवुड में सांप, हॉलीवुड में सांप।
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सांप के काटने से मर जाते हैं, इसलिए सांप का भय हमारे अवचेतन मन मे पड़ा रहता है, जो एक जायज बात है।
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सपने में सांप नजर आना, किसी के पीछे सांप लग जाना, बार बार सांप के द्वारा काटे जाना आदि बहुत से लक्षण हैं जो किसी ना किसी पाप को दर्शाते हैं।
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अकारण सांप को नहीं मारना चाहिए।
।
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जब लगे कि अपनी जान को सांप से खतरा है तो मरना ही पड़ता है।
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सांप सम्बन्धी हमने क्या पाप किया इस जन्म या उस जन्म में, ये हम नहीं जानते।
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लेकिन यदि किसी को लगे तो वो नागपूजन, नागबलि कर्म, कालियानाग मर्दन स्तोत्र, नाग सहस्रनाम, नीलकण्ठ स्तोत्र, नागमाता मनसादेवी स्तोत्र, नाग सहस्रनाम पाठ आदि का जाप करें या अनुष्ठान करवा लें।
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लेकिन इतना ज्यादा खौफ़ खाने की जरूरत नहीं है कि आप सांप के नाम से ही अधमरे हो जाएं।
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कालसर्प योग, नाग दोष, सर्पदंश योग, वक्राकार कालसर्प योग, गर्वकार कालसर्प योग, निश्चलाकार कालसर्प योग, आंशिक कालसर्प योग, अनन्त कालसर्प योग, कुलिक कालसर्प योग, वासुकी कालसर्प योग, शँखपाल कालसर्प योग, पद्म कालसर्प योग, महापद्म कालसर्प योग, तक्षक कालसर्प योग, कर्कोटक कालसर्प योग, शँखनाद कालसर्प योग, घातक कालसर्प योग, विषाक्त कालसर्प योग, शेषनाग कालसर्प योग, दृश्य गोलार्द्ध कालसर्प योग, अदृश्य गोलार्द्ध कालसर्प योग, विपरीत कालसर्प योग, सर्प श्राप योग।
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इसके अलावा 12 लग्नों में 144 प्रकार कालसर्प योग का फल मिलता है।
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जो कुण्डली में इन सभी प्रकार के योगों के होते हुए बच जाता है, उसकी कुण्डली में #निष्प्रभावी_कालसर्प_योग होता है।
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समय के साथ साथ कालसर्प योग के प्रकारों में भी डेवलोपमेन्ट होती जा रही है।
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60-70 सालों में #काल_एनाकॉन्डा_योग भी आ जायेगा और 100 साल बाद #काल_चुमाना_योग भी आएगा।
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क्योंकि #चुमाना प्रजाति का अजगर पृथ्वी का #सबसे_बड़ा_अजगर है।
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[ हद होती है यार बकैती की भी ]
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लेकिन इस योग का फीमेल वर्जन #विषकन्या_योग बिल्कुल सटीक है, उसका प्रभाव देखने को मिलता है।
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उसके बाद #इच्छाधारी नाग-नागिन भी आते हैं।
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जो सांप 700 से 1000 साल जी जाते हैं वो इच्छाधारी नाग नागिन बन जाते हैं।
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या 422 बार केंचुली उतारने के बाद इच्छाधारी नाग नागिन बन जाते है।
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देखा किसी ने भी नहीं है, सिर्फ सुना है।
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#नागमणि भी होती है, जिसको बहुत से लोगों ने देखा भी होगा, ये बात सही है।
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लेकिन कुछ बातें बहुत बेतुकी होती हैं जैसे एक कहानी है -
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एक बच्चा मिट्टी अब खेल रहा था तो वहाँ बिल से कोबरा प्रजाति का सांप निकल आया।
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बच्चे ने सांप के सिर पर मिट्टी डाल दी और सांप बार बार सिर झुका रहा था।
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बच्चे के माता पिता को डर लगा और रोने लगे कि इतना बड़ा कोबरा है, काट लेगा तो बचा मरेगा।
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पड़ोसी ने कहा मेरे पास बन्दूक है, बच्चा तो वैसे भी खतरे में है, गोली सांप को मारूँगा, सांप मर गया तो ठीक है अन्यथा गोली बच्चे को भी लग सकती है।
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बाप ने कहा सांप पर गोली चला दो।
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सांप को गोली लगी और सांप अधमरा हो गया।
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सांप को झाड़ियों में फेंक दिया गया।
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रात को सांप की आंखों में गोली चलाने वाले का चेहरा आ गया और वो सांप उसे काट आया।
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वो बन्दा मर गया।
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सुबह लोग इक्कठे हुए तो कहा कि सांप ने काटा है, सपेरा बुलाओ।
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सपेरा आया, उसने बीन बजा के सांप को बुलाया।
।
सपेरे ने सांप को कहा कि जहर चूसो इसका।
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सांप नहीं चूस रहा था।
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सपेरे ने सांप की आत्मा को बच्चे के शरीर मे प्रवेश करवा दिया और पूछा कि तुम जहर क्यों नहीं चूस रहे हो?
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तब बच्चे के अंदर प्रवेश की हुई उस सांप की आत्मा ने कहा कि ये बच्चा आज से 7 जन्म पहले एक सेठ था और मैं गरीब था।
।
मैंने इससे 500 रुपये उधार लिए थे जो मैं नहीं चुका पाया।
।
जब मुझे ये बच्चा दिखा तो मैंने इसके अंदर उस सेठ की आत्मा को देख लिया और सेठ ने भी मुझे पहचान लिया था।
।
बच्चा मुझ पर मिट्टी फैंक कर धिक्कार रहा था और मैं शर्मिंदा हिकर सिर झुका के माफी मांग रहा था।
।
लेकिन इस आदमी ने गोली चला दी, जबकि इससे मेरी कोई दुश्मनी नहीं थी और ना ही बच्चे को मुझसे कोई खतरा था।
।
इसलिए मैंने इसे काट लिया।
।
अब अगर इसका जहर चूसवाना हो तो इस बच्चे के माता पिता को 500 रुपये दो और मुझे कर्ज से मुक्त करो।
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मैं इस आदमी का जहर चूस के इसे जीवित कर दूँगा और तुम बाद में इस से 500 रुपये ले लेना।
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सपेरे ने बच्चे के माता पिता को 500 रुपये दिए और उस सांप ने जहर चूस के उस आदमी को जिन्दा कर दिया।
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[ ठीक है कर्म का फल और लेनदेन पूरा हुआ जिसका वर्णन तो भागवत गीता में भी है कि कर्मफल से कोई नहीं भाग सकता है, चाहे कर्मफल अच्छा हो या बुरा हो।
।
लेकिन सांप के द्वारा जहर चूसने वाली बात सर्फ ढकोसला लगती है।
।
क्योंकि जब कोबरा काटता है तो आधे घण्टे में सारा नर्वस सिस्टम डैमेज हो जाता है, सारा खून क्लॉट्स में बदल जाता है।
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वो आदमी तो सारी रात पड़ा रहा, उसका तो चाहे जहर चूस या कुछ भी चूसो, वो ठीक नहीं हो सकता।
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ऐसा होता तो हॉस्पिटल में डॉक्टर को ना बैठाकर सपेरे को बैठा लेते। ]
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किसी भी जीव का मारना पाप ही है।
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सांप और मच्छर में आत्मा एक जैसी है, लेकिन शरीर का फर्क है।
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पाप उतना ही लगेगा।
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लेकिन मच्छर को हम गम्भीरता से नहीं लेते और सांप को तो पूछिये ही मत।
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समुद्र मंथन में सांप, विष्णु की शैया सांप की, शिवजी का गले में सांप, कुंडली में सांप, कुण्डलिनी में सांप, बॉलीवुड में सांप, हॉलीवुड में सांप।
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सांप के काटने से मर जाते हैं, इसलिए सांप का भय हमारे अवचेतन मन मे पड़ा रहता है, जो एक जायज बात है।
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सपने में सांप नजर आना, किसी के पीछे सांप लग जाना, बार बार सांप के द्वारा काटे जाना आदि बहुत से लक्षण हैं जो किसी ना किसी पाप को दर्शाते हैं।
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अकारण सांप को नहीं मारना चाहिए।
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जब लगे कि अपनी जान को सांप से खतरा है तो मरना ही पड़ता है।
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सांप सम्बन्धी हमने क्या पाप किया इस जन्म या उस जन्म में, ये हम नहीं जानते।
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लेकिन यदि किसी को लगे तो वो नागपूजन, नागबलि कर्म, कालियानाग मर्दन स्तोत्र, नाग सहस्रनाम, नीलकण्ठ स्तोत्र, नागमाता मनसादेवी स्तोत्र, नाग सहस्रनाम पाठ आदि का जाप करें या अनुष्ठान करवा लें।
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लेकिन इतना ज्यादा खौफ़ खाने की जरूरत नहीं है कि आप सांप के नाम से ही अधमरे हो जाएं।

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