#रूचक_महापुरुष_योग।
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रूचक महापुरुष के बारे में लिखा गया है -
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दीर्घस्यो बहुसाहसाप्तविभवः शूरोऽरिहन्ता वाली
गर्विष्ठो रुचके प्रतितगुणवान् सेनापतिर्जित्वरः।
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#मंगल यदि #केंद्र_या_त्रिकोण में #स्वराशिस्थ अथवा #उच्च_राशिस्थ हो तो रूचक महापुरुष योग बनता है।
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ऐसे जातक जोशीले, बहादुर, निडर और शूरवीर होते हैं।
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किसी भी हालात में ये हार नहीं मानते हैं।
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फौजी, पुलिसकर्मी या खिलाड़ी मुख्यरूप से इस योग वाले मिलते हैं।
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ये किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से नहीं डरते हैं।
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रिस्क लेना तो इनके लिए मक्खन में छुरी घूमने जितना आसान काम होता है।
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ऐसे जातक की दुबली पतली बॉडी होने के बाद भी दमखम की कमी नहीं होती।
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जैसे कि ब्रूसली की बॉडी थी, ब्रूसली मंगल प्रधान व्यक्ति था।
ब्रूसली सबसे अधिक फुर्तीला व्यक्ति था।
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मौत के कुएं में काम करने वाले कलाबाज भी मंगल प्रधान होते हैं।
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प्रस्तुत कुण्डली हिमाचल प्रदेश के युवा एथिलीट Ankesh Chaudhary की है।
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#अंकेश_हिमाचल_प्रदेश में 800M रेस का
🏅#गोल्ड_मेडलिस्ट🏅 🏃🏃🏃#धावक 🏃🏃 है।
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जनवरी 2019 में होने वाले #KHEL_INDIA_YOUTH_GAMES में अंकेश ने 800M रेस में #प्रथम_स्थान प्राप्त कर 🏅🏅गोल्डमेडल 🏅🏅 जीता है।
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हमारे एरिया में 800M रेस के आयोजन में अंकेश आया था।
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रेस में कम से कम 150 धावक भाग ले रहे थे।
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ठण्ड के मौसम में सवेरे के समय मैदान में सभी धावक आग सेक रहे थे तो किसी ने बात उठा दी कि आज कौन जीतेगा?
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अंकेश ने टेंशन फ्री होकर कहा कि आज मैं जीतूँगा।
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चैलेंज भी कर दिया कि कोई जीत के दिखा दे।
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दूसरे धावकों ने पूछा कि तुम किस बेस पे कह रहे हो।
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अंकेश ने अपने मोबाइल पर उनको अपना गोल्डमेडल और सर्टिफिकेट का फोटो बताया।
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उसके रिकॉर्ड की टाइमिंग देखकर उन 150 से ज्यादा धावकों में से सिर्फ 35-40 धावक ही बचे, बाकी तो ये बोल के निकल गए कि हमारे दौड़ने का कोई फायदा नहीं है अब।
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बन्दे का खौफ ही इतना हो गया सबको।
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रेस के अंत में अंकेश ही विनर था।
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अंकेश से उसकी सक्सेस का राज पूछा गया तो अंकेश ने कहा -
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मेहनत जी जान लगाकर करो।
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मैं जब दौड़ता हूँ तो कमर पर पैराशूट बाँध के दौड़ लगाता हूँ।
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हवा का भाव अंकेश को पीछे की तरफ धकेलता है और अंकेश आगे की तरफ दम लगाता है।
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इसी तरह अंकेश ने खेलो इण्डिया यूथ गेम्स 2019 में गोल्डमेडल जीता है।
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अंकेश की कुण्डली का 1 ही पॉइन्ट बहुत कुछ कह रहा है -
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जन्म - 24 सितम्बर 1997
समय - 11:30 बजे सुबह
जन्मस्थान - कांगड़ा हिमाचल प्रदेश।
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[1] वृश्चिक लग्न और लग्न में लग्न का स्वामी मंगल स्वराशिस्थ होकर रूचक महापुरुष योग बना रहा है।
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ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है, वीडियो ही देख लीजिए।
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इसका शरीर कितना लचीला है, ब्रूसली की तरह दुबला पतला है लेकिन जोश खरोश कूट कूट के भरा है।
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जैसे इसके अन्दर जोश और जुनून का कोई ज्वालामुखी उफान मार के बाहर निकल गया हो।
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रेस जीतने के बाद इसकी खुशी देखिए, बरसों की मेहनत का फल है वो।
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ऐसा धावक मंगल के प्रभाव से ही बना है।
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भविष्य में अंकेश अपना नाम बनाएगा खेल में।
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खेल जगत में अपना नाम बनाने के बाद अंकेश प्रशिक्षक बन जायेगा या सरकारी जॉब करेगा।

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