Tuesday, April 2, 2019

विंग कमाण्डर अभिनन्दन

हैल्लो फ्रैंड्स।


कुछ दिन पहले मैंने लिखा था कि #विंग_कमाण्डर_अभिनन्दन की जन्म कुण्डली मेरे पास आ गई है।


मेरे एक मित्र ने #कर्णपिशाचिनी_ साधना की है, उसने मुझे ये डेट टाइम दिया था।


काफी ज्यादा हद तक मुझे ये कुण्डली अभिनन्दन की ही लगी क्योंकि उस मित्र ने एक शक्ति की हैल्प से ये बताया था।


नैट पर मैंने अभिनन्दन की के जन्म, शिक्षा वगैरह के बारे में डाटा देखा और इस कुण्डली पर मैच किया तो सब सही ही लगा।


अभिनन्दन तमिलनाडु में पैदा हुआ, 10वीं तक बैंगलौर में पढ़ा उसके बाद अपने पिता के साथ दिल्ली चला गया और दिल्ली में पढ़ाई।

इसी बीच जहाँ जहाँ अभिनन्दन के पिता की ट्रांसफर होती गई वहाँ वहाँ अभिनन्दन भी जाता रहा।

अभिनन्दन अपने जन्मस्थान और घर से दूर रहा।

माइक्रोबायोलॉजी की पढ़ाई की तथा लव मैरिज की है, पत्नी भी साथ पढ़ी है और बच्चपन से एक दूसरे को जानते थे।

2 बच्चे भी हैं।


अभी पाकिस्तान से युद्ध में अभिनन्दन पूरे इण्डिया में फेमस हो गया।


ये सारी बातें इस कुण्डली से स्पष्ट हो जाती है।



जन्म - 21 जून 1983
समय - 13:15 बजे
स्थान - अरियालुर तमिलनाडू


पॉइंट्स -

[1] कन्या लग्न की कुण्डली है जिसमें चतुर्थ भाव में केतु ला होना तथा चतुर्थ भाव के स्वामी बृहस्पति का अपने स्थान से द्वादश में जाना अपनी जन्मभूमि से दूर होने का योग बना रहे हैं।

अभिनन्दन 10वीं के बाद अपनी जन्मभूमि अरियालुर को छोड़कर अपने पिता के साथ दिल्ली में चला गया गया तथा कभी जोधपुर में भी रहा।


[2] दशम और लग्न का स्वामी बुध नवम त्रिकोण भाव मे जाकर केंद्र त्रिकोण राजयोग का निर्माण कर रहा है।

पिता सरकारी नौकरी में थे, और खुद भी सरकारी जॉब मिली।


[3] लग्नेश बुध तथा सप्तमेश बृहस्पति का आपस मे दृष्टि सम्बंध है जिसके कारण पति एक दूसरे के करीब ही रहने वाले होते हैं।

दोनों एक दूसरे को बच्चपन से जानते हैं, साथ में पढ़ाई भी की है।

तथा दशमेश बुध के साथ सप्तमेश का दृष्टिसम्बन्ध होना तथा त्रिकोण में बुध का होना पत्नी को सरकारी जॉब या सरकारी लाभ दर्शा रहा है।

अभिनन्दन की पत्नी भी इण्डियन एयरफोर्स में पायलट रही है और स्क्वाड्रन लीडर के पद से रिटायर्ड हुई है।


[4] पँचम भाव का स्वामी शनि उच्च राशि में है और शनि मैडिकल, कैमिकल केी शिक्षा का कारक होता है, शुक्र भी मैडिकल की पढ़ाई का कारक होता है।

शुक्र की पँचम भाव पर दृष्टि, मंगल की पँचम भाव पर उच्च दृष्टि माइक्रोबायलॉजी की शिक्षा दर्शा रहा है क्योंकिं मंगल क्रिएटिव ग्रह है और संरचनाओं को समझने का गुण देता है, इंजीनियरिंग में भी मंगल का बहुत रोल रहता है क्योंकि इंजीनियरिंग में क्रिएशन बहुत चलती है और  संरचनाओं का ज्ञान बहुत ज्यादा चाहिए होता है, मंगल इस जरूरत को पूरा करता है।


[4] दशम भाव में उच्च राशि का राहु है।

सूर्य मंगल और राहु का होना आर्मी में जॉब दे रहा है क्योंकि मंगल सेना का कारण है और सूर्य तथा मंगल दशम भाव में दिग्बली होकर बड़ा पद प्रदान करते हैं।

अभिनन्दन विंग कमाण्डर की पोस्ट पर कार्यरत है।


[5] दशम भाव में राहु से ज्यादा बलशाली होता है, यदि दशम का राहु किसी क्रूर ग्रह जैसे शनि, मंगल, सूर्य के साथ हो तो बहुत तगड़ा राजयोग बनाता है।

ऐसा जातक समाज में एकदम से प्रसिद्ध हो जाता है क्योंकि राहु आकस्मिकता का सबसे बड़ा कारक है।

जो कल्पना में भी ना सोचा हो, इस बदलाव से दशम का राहु एकदम से प्रसिद्ध कर देता है।


अभिनन्दन भी इसी प्रकार से बड़े स्तर पर देश विदेश में प्रसिद्ध हो गया।

[6] दशम भाव में वायु तत्व को राशि है जिसमे सारे ग्रह अग्नि कारक हैं।

आग पर हवा मारो तो आग भड़कती है।

अभिनन्दन के साथ भी आसमान में ही अग्निकाण्ड हुआ, दशम तथा द्वादश भाव से आकाशीय घटनाएँ देखी जाती हैं।

जब वायु तत्व की राशि दशम भाव में है तो आसमान में ही अग्निकाण्ड हो जाना स्पष्ट हो जाता है।

इस अग्निकाण्ड में अभिनन्दन जिन्दा बच गया क्योंकि उसका लग्नेश भाग्य भाव में है, अर्थात उसकी किस्मत ही उसे बचा गई।

[7] चतुर्थ भाव मे केतु है, चतुर्थ भाव से वाहन देखा जाता है और छाती संबन्धित विचार किया जाता है।

चतुर्थ के केतु ने अभिनन्दन का वाहन अर्थात जहाज खत्म कर दिया और पसली तोड़ दी, चतुर्थ का केतु छाती पर चोट दे रहा है तथा हड्डी कारक सूर्य को राहु से ग्रहण लगने पर अस्थिभ्रंश योग बना है, अभिनन्दन की पसली की हड्डी टूटने भी स्पष्ट हो जाता है।


[8] मंगल की लग्न पर दृष्टि है जिससे स्वभाव ही एंग्री बन जाता है, शनि राहु दाढ़ी मूछों के कारक होते हैं।

अभिनन्दन को जब F16 दिखा था तो उसने कहा था -

ये मेरा शिकार है।


शेर की तरह फीलिंग्स थी।


सामने F-16 जिसकी तुलना मर्सिडीज से कर सकते हैं, उसके सामने अभिनन्दन का M-21 था जिसकी तुलना ट्रैक्टर से कर लो।


ट्रैक्टर से मर्सिडीज को टक्कर दे दी।

इस का सारा श्रेय उच्च के राहु को जाता है जो छोटी से चीज से बड़ा कमाल करने की ताकत रखता हैं


जिसका भी राहु मंगल के प्रभाव को लेकर खतरनाक होगा उसकी मूछें बहुत जबरदस्त होती हैं।

राहु छलावे के कारक है, जादूगरों की दाढ़ी मुछ देखेंगे तो बड़ी जबरदस्त होती हैं क्योंकि जादूगरों का राहु बहुत अच्छा होता है।

राहु कलाबाज ग्रह है, सर्कस वालों का राहु मंगल अच्छा होता है।


जल्लादों की मूछें आप देखेंगे तो बहुत बड़ी होती हैं।

राहु मंगल या केतु आदमी को जल्लाद की तरह मार काट करने वाला बनाते हैं।


अभिनन्दन की मूछें भी जल्लाद वाली हैं।


अगर कोई पाकिस्तानी उसके हाथ चढ़ जाए तो वो उसके काटने फाड़ने में देर नहीं लगाएगा क्योंकि वो फौजी है और कत्ल करना उसके लिए साधारण बात है।


अभिनन्दन का राहु मंगल सूर्य ही उसको ऐसा जोशीला बना गए कि पाकिस्तान में शेर की तरफ खड़ा हो गया और उसके शब्दों में जरा सी भी झिझक या डर नहीं था।


छठे भाव से शत्रु का विचार किया जाता है था द्वितीय भाव से स्टेटस का विचार किया जाता है।


शत्रु के पास जाकर ही अभिनन्दन का स्टेटस ऊँचा हो गया।

शत्रु ने उसको मारना चाहा लेकिन शत्रु ही उसका नाम प्रसिद्ध कर गया।


[10] अभी शनि की महादशा में बृहस्पति की अंतर्दशा चली है जो समाप्त होने वाली है।

जाते जाते शनि ने अपना फल पूरा कर दिया।


अभी तो अभिनन्दन सेना में कार्यरत है।

लेकिन सेना से रिटायरमेंट के बाद अभिनन्दन राजनीति में जायेगा या यूँ कहा जाए कि राजनीति अभिनन्दन का स्वागत खुद करेगी।



[नोट - कृपया कर्णपिशाचिनी वाले उस साधक मित्र के बारे में जानकारी ना माँगें, और ना ही उससे अपने लिए कुछ पूछने को कहें।]

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